नुकसानः ट्यूबवेल नहीं चलने से सिंचाई के अभाव में सूख रही धान की फसल

चहनियां क्षेत्र में सुख रही फसल को देखती महिला
चहनियां क्षेत्र में सुख रही फसल को देखती महिला।

गुस्साए किसानों ने बिजली व सिंचाई विभाग के खिलाफ दिया धरना

Young Writer, चहनियां। क्षेत्र के महुअरकला गांव में तीन महीने से ट्यूबेल का मोटर व केवल जला पड़ा है। यहां सिचाई कार्य बाधित है। खेतों में रोके गई धान की फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है। किसानों की के बाद भी जिम्मेदार विभागों द्वारा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा जा रहा है। सुनवाई न होने पर किसानों ने प्रदर्शन कर चेतावनी दी।

ट्यूबवेल संचालन को लेकर प्रदर्शन करते किसान।
ट्यूबवेल संचालन को लेकर प्रदर्शन करते किसान।

बताते हैं कि महुअर कला गांव में 219 एमजी सेकेंड ट्यूबवेल का मोटर व केबिल विगत तीन माह से जला पड़ा है। सिंचाई कार्य बाधित है। इस ट्यूबवेल से 40 बीघा खेत की सिंचाई होती है। किसान सन्तोष सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, शमशेर सिंह, डब्लू सिंह, निजाम सिंह, दीपक सिंह, धर्मराज सिंह, राधे रमण तिवारी, विजय कुमार, आनन्द तिवारी, गिरीश चन्द्र तिवारी, विनोद सिंह, रामप्रवेश सिंह, रामेश्वर तिवारी, राम प्रसाद सिंह, राशि सिंह आदि किसानों की धान की फसल सुख रही है। कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने पर किसानों ने ट्यूबवेल पर प्रदर्शन कर नाराजगी ब्यक्त किया। किसानों का कहना है कि जेई सिचाई विभाग कभी यहाँ नहीं आते है। जब भी सिचाई विभाग के जेई से शिकायत करते है तो कहते है कि बिजली विभाग केबिल लगाए। जब बिजली विभाग के यहां जाते है तो जेई कहते है कि सिचाई विभाग से सम्पर्क करें। दोनों एक दूसरे पर ठिकरा फोड़ते है। अधिकारियों के इस कृत्य से किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। तीन माह पूर्व जलने के कारण करीब 20 बीघा खेत परती रह गया है। कुछ किसान जैसे तैसे धान की रोपाई कर दी थी। जो अब सिंचाई के अभाव में सुख रहा है। जबकि किसानों की समस्या को लेकर केंद्रीय मंत्री व सांसद डा.महेंद्रनाथ पाण्डेय का सख्त निर्देश भी है कि किसानों को कोई समस्या न हो। किसानों ने कहा कि हम इसकी शिकायत केंद्रीय मंत्री से करेंगे। इसके बाद भी नहीं माने तो गांव के लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।