गैंगरेप मामले में दोषियों को 22 वर्ष की कठोर कारावास


चंदौली। स्पेशल जज पास्को राजेंद्र प्रसाद की अदालत में गुरुवार को गैंगरेप के मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान दोष सिद्ध होने पर उन्होंने दोनों दोषियों को 22 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतने का निर्देश दिया। अभियोजन की तरफ से मुकदमें की पैरवी विशेष अधिवक्ता पास्को शमशेर बहादुर सिंह, अवधेशनारायण सिंह और रमाकांत उपाध्याय ने किया।
अधिवक्ताओं ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र निवासी 16 वर्षीय पीड़िता के पिता ने 16 जून 2016 को इस आशय का मुकदमा कोतवाली में दर्ज कराया था। पीड़िता के पिता का आरोप था कि 14 जून 2016 की रात उसकी बेटी घर के आंगन में सोयी थी। करीब रात 12 बजे गांव के ही अनुसूचित जाति (मुसहर) के बोखारू उर्फ छोटू उर्फ सुनील व पन्ना उसकी पुत्री का मुंह बंदकर सीवान में ले गए। बेटी के विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दिया। साथ ही पुत्री के इच्छा के विरुद्ध उसके साथ बारी-बारी से बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। इस घटना के बारे में बेटी ने आपबीती बतायी। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज पास्को कोर्ट में की गई। इस दौरान स्पेशल जज ने आरोप सिद्ध होने पर दोनों अभियुक्त बोखारू व पन्ना को धारा-376डी आईपीसी के तहत 22-22 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इससे करीब छह साल बाद पीड़िता को न्याय मिला है।