चंदौली-चार दिन तक किशोरी के संग करता रहा दुष्कर्म,आरोपी को 25 हजार जुर्माने के साथ मिली 22 साल की सजा


चंदौली। विशेष न्यायाधीश पाक्सो राजेंद्र कोर्ट ने शनिवार को दुष्कर्म के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी सोनू कुमार को 22 साल की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 25 हजार रुपया जुर्माना लगाया। अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा का फैसला सुनाया।
बलुआ थाना क्षेत्र की 14 वर्षीय पीड़िता के चाचा ने का आरोप था कि उसकी भतीजी 29 जून 2020 को सायं चार बजे घर से लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कहीं पता नहीं चल सका। उसका मोबाइल भी बंद है। इससे शक के आधार पर उसने अज्ञात के खिलाफ बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट थाने में लिखाई। बाद में पता चला कि गांव के ही सोनू कुमार गोंड और सतीश कुमार उनकी भतीजी को भगाकर ले गए हैं। दोनों ने 3-4 दिन उसके साथ दुष्कर्म किया। इसपर पुलिस ने थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। इस दौरान आरोपी सतीष कुमार फरार हो गया। वह चहनियां ब्लाक में जिला पंचायत सदस्य था। वह आज तक फरार ही है। पुलिस ने उसके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई भी की है। फिलहाल उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है। लेकिन सोनू कुमार गोंड के विरुद्ध मुकदमा चला। इस मामले में शनिवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट में सुनवाई हुई। पीड़िता ने भी अपने बयान में बताया कि दोनों आरोपी बाजार ले जाने के बहाने अपने नानी के घर ले गए। वहां दोनों ने बलात्कार किया। अभियोजन की ओर से विशेष अधिवक्ता पाक्सो शमशेर बहादुर सिंह, अवधेश नारायण सिंह और रमाकांत उपाध्याय ने मुकदमें की पैरवी की। साथ ही तर्क प्रस्तुत किया। बताया कि स्पेशल जज राजेंद्र प्रसाद ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी सोनू कुमार गोंड को धारा-363 आईपीसी में चार वर्ष, धारा-366 आईपीसी में पांच वर्ष की सजा और पांच हजार रुपया जुर्माना लगाया। वहीं धारा-4 (2) पाक्सो एक्ट में 22 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं 25 हजार रुपया जुर्माना लगाया। जुमार्ना न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतने का फैसला सुनाया।