बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे अवैध कोचिंग सेंटर, वसूल रहे मनमानी फीस

Young Writer: सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।
सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।

स्कूल-कालेज के समय संचालित हो रही अवैध कोचिंग क्लासेज
Young Writer, इलिया। स्थानीय कस्बा सहित सैदूपुर में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर आम लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। न तो इनका पंजीयन है और न ही इन्हें खोलने के लिए कोई स्थान सुनिश्चित किया गया है। कोचिंग सेंटर पर वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग व्यवस्था भी नहीं है। यह कोचिंग संचालक अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलते हैं। इतना ही नहीं सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन कोचिंग सेंटरों का संचालन स्कूल टाइम में किया जाता है जिस कारण बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त करने की चाह में स्कूल-विद्यालय नहीं जाते हैं और जिन विद्यालयों में इनका नामांकन है वहां इनकी लम्बी गैरहाजिरी रहती है। इस तरह शासन-प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को स्कूल ले जाने की मुहिम को अवैध कोचिंग सेंटरों के इस कृत्य से करारा आघात पहुंच रहा है। बावजूद इसके ये कोचिंग सेंटर बिना रोक-टोक के बेधक संचालित हो रहे हैं।

सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।

कस्बा व सैदूपुर में कोचिंग दर्जनों सेंटर संचालित हो रहे हैं। किसी के पास कोचिंग संचालन के लिए कोई वैध पंजीयन है अथवा नहीं। इस बाबत कोई जवाब शिक्षा विभाग के पास नहीं है। जबकि पार्किंग एवं पर्याप्त जगह की व्यवस्था के बगैर संचालक कोचिंग सेंटर नहीं चला सकते। लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण कोचिंग सेंटर के संचालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। कोचिंग सेंटरों पर आने वाले छात्र मुख्य सड़क पर अपने वाहन खड़े कर देते हैं, इससे स्थानीय लोगों के अलावा राहगीरों को सड़क पर चलने में परेशानी हो रही है। सैदूपुर से लेहरा साख मार्ग पर करीब आधा दर्जन कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जहां एक हजार से अधिक लड़के ट्यूशन पढ़ते हैं। इस ओर पुलिस प्रशासन द्वारा भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क के किनारे रास्ते में साइकल व बाइक खड़ी रहती हैं। कई बार छात्र-छात्राएं झगड़ते रहते हैं। पुलिस को इस दिशा में कार्रवाई करना चाहिए। जितने भी कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, वह छात्र-छात्राओं से मनमाफिक मोटी फीस तो लेते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं देते। एक बड़े हाल में सैकड़ों छात्र-छात्राओं को जमीन में बैठकर पढ़ाया जाता है। दूसरी ओर भीड़ की आड़ में कुछ शरारती तत्व छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें भी करते हैं। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि निजी कोचिंग संचालकों का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। अगर बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग सेंटर संचालित है तो इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Young Writer: प्रधानाचार्य राजेश कुमार
प्रधानाचार्य राजेश कुमार

लगातार गैरहाजिर बच्चों के अभिभावकों से होगी बातः प्रधानाचार्य
इलिया। किसान इंटर कालेज के प्रधानाचार्य राजेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में करीब 600 विद्यार्थियों के नामांकन हाईस्कूल व इंटर की कक्षाओं में हुआ है। विद्यालय बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के निरंतर प्रयासरत है। बावजूद इसके यदि को विद्यार्थी स्कूल टाइम में विद्यालय से लगातार गैरहाजिर रहता है तो उसके अभिभावक को विद्यालय बुलाकर इसका वजह जानने का प्रयास होगा। यही शिक्षण को लेकर कोई समस्या व दिक्कत बच्चे को आ रही है तो संबंधित शिक्षक की निगरानी में उसे दूर करने का प्रयास होगा। साथ ही यह भी बताया कि विद्यालय टाइम में कोचिंग सेंटर का संचालन की निगरानी व कार्यवाही का क्षेत्राधिकार उनके पास नहीं है। विभाग के उच्चाधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जाएगा, ताकि बच्चों का विद्यालय आना न छूटे। क्योंकि सरकार बच्चों को विद्यालय लाने के लिए सतत् प्रयास कर रही है। इस पर किसी भी तरह की कुठाराघ उचित नहीं है।

Young Writer: सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।
सैदूपुर इलाके में संचालित अवैध कोचिंग सेंटर के बाहर खड़ी स्कूली बच्चों की साइकिल।