केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने ‘पुरंदर‘ उपन्यास का किया विमोचन

रामजी प्रसाद भैरव के पुरन्दर पुस्तक का विमोचन करते केरल के राज्यपाल।
रामजी प्रसाद भैरव के पुरन्दर पुस्तक का विमोचन करते केरल के राज्यपाल।

लेखन रामजी प्रसाद भैरव की कृति से गदगद होकर राज्यपाल ने भेंट की कलम

Young Writer, चंदौली। उपन्यासकार रामजी प्रसाद भैरव की नवीनतम कृति पुरंदर का विमोचन बुधवार को केरल के राज्यपाल महामहिम आरिफ मोहम्मद खां ने वाराणसी स्थित सर्किट हाउस में किया। इस दौरान राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खां ने कहा कि इंद्र के नायकत्व को लेकर लिखा गया उपन्यास, सर्वथा नवीन प्रयोग है। पुराणों में इंद्र का चरित्र पतित है, वहीं वेदों का वह नायक है। वेदों में उसके लिए सर्वाधिक मंत्र का प्रयोग किया गया है। रामजी भैरव का प्रयास प्रसंशनीय है। उपन्यास की भाषा व शिल्प से लगता है, वह वैदिक कालीन युग में प्रवेश की क्षमता रखते हैं।

इसके बाद उन्होंने रामजी प्रसाद भैरव को कलम भेंट की और कहा कि उनकी कलम ऐसे विषयों खूब चलती रहे। ललित निबंधकार डा.उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि रामजी भैरव अपने उपन्यासों में असाधारण क्षमता का प्रदर्शन करते हैं। उनके सभी उपन्यास पाठकों को बांधने में सफल होते हैं। पुरंदर भी एक बेहतरीन उपन्यास है। ऐसे कठिन विषयों को उपन्यास का विषय बनाना सहज बात नहीं है। विचारक व राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन के प्रकाशक डा. विनय कुमार वर्मा ने कहा कि रामजी प्रसाद भैरव के उपन्यास पुरंदर को पढ़ते हुए युग बोध होता है। कथा विन्यास तो सुंदर है ही उपन्यास पढ़ने पर लगता है तत्कालीन समाज किन संघर्षों को जिया है।

डॉ अनिल यादव ने कहा कि पुरंदर उपन्यास लेखक की श्रेष्ठ कृति है। इसके पहले भी वह सुनो आनंद, शबरी रक्तबीज के वंशज, शिखंडी की आत्मकथा जैसे उपन्यास लिख चुके हैं। इस दौरान कवि प्रमोद भृगुवंशी ने अपनी कविता संग्रह ये दिन कैसा है तथा डॉ उमेश प्रसाद सिंह ने अपने उपन्यास हस्तिनापुर एक्सटेंशन पुस्तक राज्यपाल को भेंट किया। इस मौके पर असिस्टेंट कमिश्नर वाराणसी संतोष सिंह, डा.सुनील कुमार वर्मा, डॉ मो.आरिफ खान, नौशाद अहमद, हाजी वसीम अहमद, खान मोहम्मद अनीस, अरकान अहमदी, सतीश उपस्थित थे।