जन सहयोगः मानसिक रूप से कमजोर महिला को मिला अपना घर आश्रम

अज्ञात विक्षिप्त महिला की मदद करते संस्था के लोग।
अज्ञात विक्षिप्त महिला की मदद करते संस्था के लोग।

जन सहयोग संस्था ने हाइवे पर पड़ी वृद्धा को पहुंचाया वृद्धाश्रम

Young Writer, चंदौली। जिसका कोई नहीं, उसका खुदा है। इस बात को समाजसेवी संस्था जनसहयोग संस्था ने बुधवार को एक बार फिर चरितार्थ किया। संस्था के अध्यक्ष अजीत कुमार सोनी के साथ ही सदस्यों की नजर नेशनल हाइवे-2 के डिवाइडर पर मौजूद एक अज्ञात महिला पर पड़ी। महिला के मानसिक कमजोरी व विक्षिप्तता की जानकारी होने पर संस्था ने चिकित्सकीय टीम से सम्पर्क साधा और वृद्धाश्रम के लोगों से बातचीत की।

अज्ञात विक्षिप्त महिला की मदद करते संस्था के लोग।
अज्ञात विक्षिप्त महिला की मदद करते संस्था के लोग।

हाइवे के मौजूद डिवाइडर के बीच मौजूद महिला को वहां से सुरक्षित निकाला उसका चिकित्सकीय जांच-पड़ताल कराया और अपना घर आश्रम के लोगों को बुलाकर महिला को उनके सिपुर्द कर दिया। संस्था के इस प्रयास को देखकर आसपास के लोगों ने सराहना की, वहीं प्रेरित होकर समाज में एक एकल, असहाय लोगों की मदद के लिए आगे आने का भी आह्वान किया। इस बाबत अजीत कुमार सोनी ने बतायाकि पिछले एक माह से एक अज्ञात महिला के जिला अस्पताल के आसपास मौजूदगी की सूचना मिल रही थी, जो फटे-पुराने मैले वस्त्र धारण किए हुए। अक्सर वह नेशनल हाइवे के मध्य स्थित डिवाइडर पर पहुंच जाती थी। बुधवार को जब संस्था ने वृद्धा को असहाय व अशक्त हाल में देखा तो उसकी मदद कर उसे आश्रय व चिकित्सा सेवा मुहैया कराने का निर्णय लिया। सहयोग की इस कड़ी में वाराणसी के सामने घाट स्थित अपना घर आश्रम के लोगों से बातची की गई। सूचना में वहां के लोग जिला चिकित्सालय चंदौली के पास पहुंचे। इसके बाद वृद्धा से उसके पता व पहचान के बाबत जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वह बताने में असफल व नाकाम रही। इसके बाद महिला को सामने घाट स्थित अपना घर आश्रम भेज दिया गया। इस दौरान सुजीत कुमार, ओमप्रकाश गुप्ता, हिमांशु वर्मा एवं आसपास के अन्य लोगों ने अपना सहयोग दिया।