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Thursday, February 29, 2024

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KG से PG तक बालिकाओं की शिक्षा हो निःशुल्कः AIPWA

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Chandauli: विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (AIPWA) के राष्ट्रीय आह्वान पर चंदौली स्थित बिछिया धरनास्थल भाजपा सरकार के खिलाफ धरना दिया। इस दौरान एपवा ने भाजपा सरकार को महिला विरोधी है। अपने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान All India Progressive Women’s Association की राज्य काउंसिल सदस्य तथा जिलाध्यक्ष मुन्नी गोंड ने कहा कि भाजपा सरकार महिला विरोधी है, जिसे हम सभी मिलकर सत्ता से हटाना होगा। महंगाई के कारण आम आदमी की रोटी, कपड़ा व मकान की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। इसलिए रसोई गैस प्रति सिलेंडर 450 तय किया जाए। इसके अलावा विधवा, वृद्धा, विकलांग, एकल महिलाओं को न्यूनतम 3000 मासिक पेंशन दिया जाए। हर पंचायत में सरकारी अस्पताल बनाये जाए। कहा कि महिला आरक्षण कानून को 2024 के चुनाव में लागू किया जाए। महिलाओं को कर्ज के फंदे से मुक्त किया जाए। केजी से पीजी तक लड़कियों की शिक्षा मुफ्त किया जाए। स्कूली शिक्षा में समान स्कूल प्रणाली लागू किए जाने, दहेज उत्पीड़न पर रोक लगाया जाए। महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़क भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार किए जाए। रसोईया, आशा, आंगनबाड़ी समेत सभी स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम 18000 मानदेय दिए जाने सहित तमाम मांगों को लेकर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसियेशन के राष्ट्रीय आह्वान पर चंदौली स्थित बिछिया धरना स्थल से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च कर राष्ट्रपति महोदय को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।

कहा कि यह बड़े अफ़सोस की बात है कि आज़ादी के 76 वर्ष बाद भी इस देश की महिलाओं को न्याय, बराबरी और लोकतांत्रिक जीवन जीने का सामाजिक-राजनैतिक परिवेश नहीं मिल पाया है जिसकी संविधान गारंटी देता है। आज भी महिलाएँ उस हक़ और अधिकार से वंचित-वर्जित हैं जो उन्हें इस समाज की निर्माणक इकाई होने के नाते मिलना चाहिए था। एपवा जिला काउंसिल सदस्य पार्वती बनवासी ने कहा कि गली-मोहल्ले से लेकर संसद के गलियारों तक महिला सशक्तिकरण के तमाम दावों के बावजूद उसे राजनैतिक तंत्र द्वारा सचेतन रूप से न केवल हर तरह से कमजोर किया जा रहा है बल्कि संस्कृति-संस्कारों के नाम पर उसके बढ़ती राजनैतिक चेतना व अधिकारों की दावेदारी को पीछे धकेला जा रहा है। इस दौरान श्याम देवी राय, सरिता देवी, मंशा कुमारी, चंद्रावती देवी, उमरावती देवी, मंजू देवी, तीजिया देवी, पुष्पा देवी, बाड़ी देवी, किरन देवी, मंजू वनवासी शामिल रहे।

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