सपा नेता मनोज डब्लू को पुलिस ने एक बार फिर घेरा


धानापुर, चंदौली।

धानापुर। महिला को न्याय देने की बजाय उसे राह बदलकर जाने की नसीहत देने वाले दरोगा का निलंबन प्रकरण में सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू व जनपद पुलिस मंगलवार को एक बार फिर आमने-सामने रहा। पुलिस ने मनोज डब्लू के आंदोलन की चेतावनी को संज्ञान में लिया और माधोपुर स्थित उनके आवास पर पुलिस की किलेबंदी कर दी, ताकि वे अपने तय वादे के मुताबिक आंदोलन ना करें। मौके पर कई थानों की फोर्स व पीएसी को तैनात कर सपा के राष्ट्रीय सचिव को घर में नजरबंद कर दिया। मामला उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब नजरबंदी की सूचना से गुस्साए सपाई व स्थानीय ग्रामीणों का एक बड़ा जत्था माधोपुर पहुंचकर पुलिसिया कार्यवाही के लिए लामबंद हो गए।
इस दौरान सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि जनपद पुलिस कर्तव्य पथ से भटक गयी है। उसे पहले यह समझना होगा कि उसका दायित्व क्या है? तभी तो वह उसका निर्वहन करेगी। आरोप लगाया कि पुलिस कर्तव्यों के निर्वहन की बजाय हक के लिए उठने वाली आवाज के दमन पर जोर दे रही है, जो पूरी तरह से अनुचित है। ऐसे तानाशाही रवैये से न तो शहीदी धरती धानापुर की जनता डरती है और ना ही समाजवादी सिपाही। कहा कि यदि धानापुर थाना प्रभारी पर पुलिस कार्यवाही नहीं करती है तो आंदोलन होकर रहेगा। इसे किसी भी हाल में रोका नहीं जा सकता है। पुलिस चाहती है कि जनता आंदोलन की राह ना चुके थे पुलिस अपना काम करे और धानापुर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही को अमल में लाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो बुधवार को धानापुर शहीद स्मारक स्थल पर समाजवादी पार्टी स्थानीय जनता के साथ पुलिस के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकेगी। पुलिस को यह स्मरण होना चाहिए कि यह वही शहीदी धरती है जिसने आजादी के आंदोलन को अपने लघु से सींचा था। इसके पूर्व माधोपुर स्थित मनोज डब्लू के आवास पर धानापुर, धीना, कंदवा व सैयदाजा थाने की पुलिस फोर्स के साथ पीएसी के जवान भारी संख्या में मौजूद रहे। पुलिस तब तक मनोज डब्लू के आवास पर डंटी रही, जब तक कि उन्होंने मंगलवार को आंदोलन स्थगित करने का ऐलान नहीं किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह, रामजन्म यादव, जगमेंद्र यादव, इबरार अहमद, हाजी बिस्मिल्लाह, नैमुल हक आदि उपस्थित रहे।