अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल संसद में पारित कराए मोदी सरकार

सिविल कोर्ट चंदौली में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।


चंदौली। सिविल कोर्ट चंदौली में शनिवार को अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल व अधिवक्ताओं को पेंशन लागू करने के लिए प्रदर्शन किया। सिविल कोर्ट चंदौली में प्रदर्शन करते हुए मुख्यालय निर्माण संघर्ष समिति के प्रभारी व अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक ने कहा कि अधिवक्ताओं के ऊपर न्याय दिलाने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उस पर हर वक्त खतरा बना रहता है।
ऐसी स्थिति के दृष्टिगत अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल को संसद में लाया जाना अतिआवश्यक है, जिसमें अधिवक्ता को धमकी देने वाले, अधिवक्ता पर हमला करने वाले व अधिवक्ता को किसी प्रकार से क्षति पहुंचाने वाले को कम से कम सात साल से ऊपर की सजा व भारी जुर्माने का प्रावधान होना चाहिए। इस अवसर पर सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री बीरेन्द्र प्रताप सिंह दाढ़ी ने कहा कि अधिवक्ताओं को पेंशन दिया जाना अति आवश्यक है, हम अधिवक्ता अपनी कमाई से अधिवक्ता टिकट के रूप में सरकार को हजारों करोड रूपये प्रतिमाह देते है, लेकिन अधिवक्ताओं को पेंशन देने में सरकार आनाकानी करती है। जबकि अधिवक्ता समाज का एक सजग प्रहरी व महत्वपूर्ण अंग है। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट व अधिवक्ताओं को पेंशन अति शीघ्र देने की मांग की। ऐसा ना होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। इस अवसर पर अनंत कुमार सिन्हा, राजीव कुमार मिश्रा, इरशाद बाबू, राजू मिश्रा, विनय कुमार शर्मा, कमलेश चंद्र पांडेय, कृष्ण कुमार उपाध्याय आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।