बलुआ घाट पर पंचतत्व में विलीन हुए फौजी हरिद्वार यादव


तिरंगा यात्रा संग फौजी के शव को हसनपुर ले जाते ग्रामीण।


चहनियाां। हिमांचल सीमा की सुरक्षा में मुस्तैद क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी फौजी हवलदार हरिद्वार यादव (45 वर्ष) के मृत्यु होनेके बाद शनिवार की शाम उनका शव पैतृक गांव पहुंचा। इस दौरान गांव समेत पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गयी। शनिवार देर शाम को मृत शरीर को साथी सैनिकों द्वारा उनके घर हसनपुर लाया गया। शव आते ही क्षेत्र के हजारों लोग उनके घर पहुँच शोक प्रकट किये।फौजी के मृत होने का अभी कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पाई।
जानकारी के अनुसार हसनपुर निवासी कल्पनाथ यादव के तीन पुत्रो से सबसे बड़े पुत्र हरिद्वार यादव सन् 1995 में सेना में भर्ती हुए थे पत्नी लीलावती यादव तथा पुत्र गौरव 20 वर्ष, पुत्री तमन्ना 17 वर्ष तथा कृष्णा 14 वर्ष का शव देकते ही दहाड़ मारकर रोने लगे। फौजी की किस प्रकार मौत हुई अभी स्पष्ट नही हो पाया है। हिमांचल से आये साथी फौजी बस इतना बता पाए कि मृत हरिद्वार यादव गोली या किसी धारदार हथियार से नहीं मरे। वह अपने आवास पर मृत अवस्था में मिले। मृतक हरिद्वार यादव के छोटे भाई राजेश यादव इस समय हसनपुर गांव के वर्तमान में प्रधान के पद पर आसीन है। प्रधान भाई ने बताया कि जून माह में आर्मी से छुट्टी मिलने पर घर आये थे पुनः जून के अंतिम सप्ताह में ड्यूटी पर चले गए तभी से वहाँ मुस्तैदी के साथ देश की सुरक्षा कर रहे थे। मृत फौजी हरिद्वार यादव का का बलुआ गंगा घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान पुलिस फोर्स व भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व मृत फौजी के परिजन मौजूद रहे।