…वाह रेǃ प्रधान जी‚ कागजों पर खोदा तालाब, निकाले 6.67 लाख!

महारथपुर में मनरेगा के तहत सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला
इलिया। केंद्र सरकार ने ग्रामीण स्तर पर जाब कार्डधारियों को सौ दिन का काम सुनिश्चित कराने के लिए मनरेगा योजना शुरु किया। मंशा यह थी कि जाब कार्डधारियों को रोजगार के साथ-साथ सड़क व नाला निर्माण सहित पौधरोपण, मिट्टी समतलीकरण, तालाब खुदाई आदि योजनाओं-परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाए। ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्य करने की योजना तो बनती है, लेकिन उसमें ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों व सचिव के द्वारा जमकर लूट-खसोट की जा रही है। पहले इस तरह के आरोप अपवाद हुआ करते थे, लेकिन अब ये आम हो गए हैं। इसका जीता जागता नजीर शहाबगंज विकास खण्ड का तियरा ग्राम पंचायत है।
तियरा ग्राम पंचायत के महारथपुर में वित्तीय वर्ष 2021-22 में तालाब खुदाई व सुन्दरीकरण कार्य कागजों पर मुकम्मल कर दिया गया। जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ है। ग्रामीणों के विरोध के बाद मामला पटल पर आया कि उक्त योजना में बिना काम के ही भुगतान का मामला सामने आया है। आनलाइन सिस्टम में सेंधमारी कर फर्जी मजदूरों के द्वारा फर्जी काम कराने की एंट्री कराकर लाखों रुपए का पेमेंट निकाला गया है। उक्त काम को जून-जुलाई माह में होना दिखाया गया है, जबकि अबकी बार मानसून अप्रैल माह में ही आ गया था। जो कि बोर्ड पर कार्य की प्रारंभिक तिथि 10 जून दिखाया गया है। वर्तमान समय में तालाब लबालब पानी से भरा हुआ था। ऐसी स्थिति में जून माह में तालाब की खुदाई हो पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। इसे अंजाम देने के लिए बाकायदा मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों को फर्जी जॉब कार्ड तैयार किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्य जमीन की बजाय कागजी घोड़ा दौड़ाकर सरकारी धन की बंदरबांट किया गया है। कामकाज में पारदर्शिता के लिए बने सरकारी तंत्र में सेंधमारी कर सरकारी धन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया है। तियरा के महारथपुर में तालाब खुदाई वो सुंदरी करण कर श्रमांश 06.67 लाख रुपये खारिज कर कागज में अस्तित्व में आया, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। ग्रामीणों को इसकी जानकारी जब हुई जब उक्त काम का बोर्ड लगा दिया गया।
इलिया। महारथपुर में तालाब खुदाई में घोटाला किए करने के लिए फर्जी काम का मांग पत्र तैयार किया गया। ई-मस्टरोल तैयार करके फर्जी व कुछ असली दोनों ही मजदूरों के नाम उसमें शामिल कर दिए। ज्यादातर मस्ट्रोल में सेकेट्री व ग्राम प्रधान के अलावा किसी भी मजदूर के दस्तखत या अंगूठे के निशान नहीं हैं। जबकि नियम के हिसाब से बिना दस्तखत वाले मस्ट्रोल वैध नहीं होते। कई मजदूरों को एक ही वक्त दो-दो जगह काम करना बताया गया है, जो सम्भव नहीं है। वही पंचायत मित्रों द्वारा जॉब कार्ड पर काम तक नहीं चढ़ाया जाता।
बोर्ड पर अंकित सूचनाएं-


इलिया। मनरेगा के तहत शहाबगंज ब्लाक क्षेत्र के तियरा में वर्क आईडी 3171008024/डब्लूसी958486255823133770 के सापेक्ष महारथपुर में तालाब की खुदाई व सुंदरीकरण का कार्य कराया गया है, जिसकी श्रमांस लागत 06.67 लाख मनरेगा वेबसाइट पर अंकित की गई है। लेकिन उक्त कार्य के संबंध में मौके पर लगे सूचना पट्ट पर पूरी सूचना अंकित नहीं है।