60 लाख की शराब को डेढ़ करोड़ में बेचने की योजना पर पुलिस ने फेरा पानी

क्राइम ब्रांच व चंदौली काेतवाली पुलिस ने शराब की खेप पकड़ी
चंदौली। क्राइम ब्रांच व कोतवाली पुलिस ने संयुक्त अभियान में शनिवार को हरियाणा से बिहार जा रही शराब की बड़ी खेप पकड़ी। सदर कोतवाली क्षेत्र के नरसिंहपुर स्थित आरती मिल के पास पुलिस दल ने मुखबिर खास की सूचना पर ट्रक को रोका और जांच पड़ताल की तो उस पर 60 लाख रुपये कीमत की अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसे बिहार तस्करी करके डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की योजना थी, जैसा कि चंदौली पुलिस दावा कर रही है। एएसपी दयाराम ने पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए पुलिस टीम को 10 हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।
इस दौरान उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों के की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस टीमें लगाई गयी हैं। इसी बीच सदर कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक ट्रक पर शराब की बड़ी खेप बिहार ले जाने की योजना है। इसके बाद क्राइम ब्रांच व सदर कोतवाली पुलिस नरसिंहपुर गांव स्थित आरती मिल के पास हाइवे पर वाहनों के जांच-पड़ताल में जुट गए, तभी एक ट्रक आता दिखा। पुलिस ने वाहन रोका और ट्रक पर लोड सामान से जुड़े दस्तावेज तलब किए तो चालक ने पुलिस को बिल्टी दी, जिसमें सोयाबीन लगा होने का उल्लेख था। इसके बाद पुलिस ने जब ट्रक पर लगी बोरियों को चेक किया तो उसमें धान की भूसी भरी हुई मिली। आशंका होने पर पुलिस ने जब बोरियों की तलाशी ली तो उसमें शराब की कुल 700 पेटी बरामद हुई। बरामद शराब को पुलिस ट्रक समेत थाने ले आई और पकड़े गए तस्कर से पूछताछ में जुट गयी। इस बाबत तस्कर धर्मवीर ने खुद को हरियाणा प्रांत के कैथल जिला अंतर्गत पाई गांव निवासी बताया। कहा कि वह अंग्रेजी शराब को लोड कर बिहार ले आ रहा था और पुलिस जांच से बचने के लिए उसके मालिक ने उसे यह बिल्टी दी थी। बताया कि इसके लिए उसे वेतन के अतिरिक्त 50 हजार रुपये प्रति चक्कर मिलता था। इसके पूर्व वह राजस्थान, गाजियाबाद व बिहार में शराब तस्करी करते हुए पकड़ा जा चुका है।
60 लाख का माल डेढ़ करोड़ में बेचने की थी योजना
चंदौली। बिहार प्रांत में शराब बंदी के बाद इसकी तस्करी व अवैध बिक्री पूरे शराब पर है। तमाम रास्तों से बिहार में शराब को ले जाकर उसे ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है। इस बात की पुष्टि शनिवार को पकड़े गए हरियाणा के तस्कर ने की। बताया कि ट्रक पर 60 लाख रुपये की शराब लेकर बिहार सप्लाई करने जा रहा था, जहां उसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये में ब्लैक मार्केट में बेचने की योजना थी, लेकिन पुलिस कार्यवाही के कारण यह सफल नहीं हो सकी।
लाख प्रयास के बाद भी नहीं रुक रही तस्करी
चंदौली। तमाम आधुनिक संसाधनों से लैस पुलिस के सर्विलांस व पेट्रोलिंग व सतर्कता के बाद भी बिहार प्रांत में शराब सहित तमाम मादक पदार्थों व मवेशियों की तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि पुलिस के बाद एक वृहद तंत्र है, जिसमें बड़ी पुलिस फोर्स के साथ इंटेलिजेंस व स्थानीय पुलिस की गश्ती टीम व हाइवे पेट्रोलिंग व क्यूआरटी के साथ डायल-112 जैसे गश्ती टुकड़ियों हैं। बावजूद इसके तस्करी पर लगाम नहीं लग पाना एक बड़ा सवाल है। भले ही पुलिस समय-समय पर कुछ मामलों का खुलासा करके अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन अधिकांश मामले में तस्कर पुलिस को गच्चा लेकर निकलने में सफल हो जाते हैं।