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Saturday, June 15, 2024

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वैज्ञानिक तलाश रहे चावल की नई प्रजाति और अधिक पैदावार के लिए प्रयोग क्षेत्र

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चंदौली – अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी तथा जन एवं कृषि विकास संस्थान प्रयागराज के सहयोग से चंदौली के पचोखर में संचालित चावल के साथ नई प्रजातियों के क्राफ्ट एरिया का भ्रमण किया. अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र के कृषि अनुसंधान एवं विकास अधिकारी डॉ सर्वेश शुक्ला तथा रविंद्र मोहराना अनुसंधान तकनीकी के द्वारा किया गया.

इस कार्यक्रम के अंतर्गत चावल के 30 प्रजातियों का आगमन किया जाना है. कृषि वैज्ञानिकों द्वारा क्राफ्टेरिया का जायजा लेते हुए वहां पर उपस्थित कृषकों को चावल की नई प्रजातियां तथा उनके विशेषताओं पर चर्चा के साथ ही साथ चावल में लगने वाले रोग व्याधि से बचाव के बारे में जानकारी प्रदान की क्षेत्र के भ्रमण के दौरान कम अवधि की प्रजाति कम पानी की प्रजाति तथा जलभराव की प्रजातियों के विभिन्न नेताओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई. आईआईआरआई बनारस के बीज प्रणाली एवं उत्पादन तकनीक विभाग के तत्वाधान में संचालित कार्यक्रम एग्री परियोजना की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ स्वाति नायक तथा डॉ कुंदन दास के मार्गदर्शन में जनपद चंदौली 6 प्रजातियों के 10 प्रक्षेत्र परीक्षण विभिन्न इलाकों में क्रियान्वित किए जा रहे हैं. इन परीक्षणों का मुख्य उद्देश जनपद के कृषि जलवायु के अनुकूल उचित प्रजातिया का आकलन करना है. जिससे कि चावल के उत्पादन को अधिक से अधिक बढ़ाया जा सके.

चंदौली में एग्री परियोजना का क्रियान्वयन एवं कृषि विकास संस्थान द्वारा किया जा रहा है, इस अवसर पर आई आर आर आई के डाटा एन्यूमैरेटर श्री उत्कर्ष तिवारी श्री बुधराम यादव तथा संस्था प्रमुख ए के मिश्रा उपस्थित रहे.

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