रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ होगा आंदोलन,

बरठा-पुरवां, जगदीशसराय गांव के ग्रामीणों ने सम्पर्क मार्ग निर्माण की मांग

चंदौली। जिला मुख्यालय से सटे बरठा, पुरवां, चकिया, जगदीशसराय व धूरीकोट गांव के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को डिस्ट्रिक्ट डमोक्रेटिक बार एसोसिएशन के महामंत्री झन्मेजय सिंह की अगुवाई में जिलाधिकारी से मिला। इस दौरान ग्रामीणों ने शिकायती पत्र देकर पुरवां-चकिया सम्पर्क मार्ग के 50 मीटर सड़क के निर्माण की मांग की। साथ ही उससे संबंधित नक्शा, एसडीएम सदर की रिपोर्ट व न्यायालय में स्थगन आदेश ना होने संबंधित नकल की प्रति भी जिलाधिकारी को उपलब्ध करायी। चेताया कि यदि जल्द सड़क नहीं बनी तो पांचों गांव के ग्रामीण रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ बिछियां धरनास्थल पर आंदोलन करेंगे। इस दौरान महामंत्री झन्मेजय सिंह ने बताया कि जीटी(एन.एच.-2) से पुरवां-चकिया सम्पर्क मार्ग पर लगभग 30 वर्ष पूर्व इसी मार्ग पर ब्लाक द्वारा ही खड़ंजा का कार्य भी हुआ, तब किसी को कोई आपत्ति नहीं थी जब यह रोड प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनने लगी तो बीच में लगभग 50 मीटर सड़क फर्जी ढंग से अपनी भूमि बताकर धुरीकोट के एक दबंग काश्तकार ने जबरन रोक दिया। जबकि उक्त रास्ता पांच गांवों का मुख्य मार्ग है जिसमें पुरवां, चकिया, बरठा, मद्धूपुर, जगदीशसराय ग्राम सभा के ग्रामीणों का आवागमन होता है। कहा कि काश्ताकार की जमीन हिनौता मौजा में है और जिस सड़क के निर्माण को रोका गया है वह बाघो मौजा में आता है जिस पर किसी तरह के विवाद न होने की रिपोर्ट एसडीएम सदर द्वारा सीडीओ को पूर्व में भेजी जा चुकी है। इसके अलावा रास्ते से संबंधित नक्शा व स्थगन आदेश नहीं होने की नकल भी उपलब्ध है। फिर भी सत्ता पक्ष के नेताओं के दबाव के आगे प्रशासनिक अमला नतमस्तक है, जिससे पांच गांव के ग्रामीण आवागमन में कई वर्षों से दुश्वारियां झेल रहे हैं। अब रास्ता इतना खतरनाक हो गया है कि उस पर आए दिन ग्रामीण गिरकर चोटिल हो जाते हैं। वहीं कई बार स्कूली बच्चों का वाहन पलटते-पलटते बचा है। फिर भी जिला प्रशासन सड़क निर्माण की पहल नहीं कर रहा है। ऐसे में अब इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सड़क नहीं बनी तो आगामी विधानसभा चुनाव का इन गांवों के लोग बहिष्कार करेंगे।