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Thursday, February 29, 2024

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दूसरों में खुशियां बांट कर खुश होने की अनुभूति अपने–आप में अद्भुतः मनोज डब्लू

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तेजोपुर गांव में सपा के राष्ट्रीय सचिव ने पुत्री व पत्नी संग मनाई दीपावली


चंदौली। प्रकाशपर्व दीपावली पर तेजोपुर गांव का एक-एक घर, गली-मोहल्ला गुरुवार को खुशियों से रौशन नजर आया। त्यौहार पर लोगों के चेहरे पर मुस्कान थी और त्यौहार को लेकर बच्चे-बुजुर्ग व महिलाओं में उत्सुकता उफान मार रही थी। यह सबकुछ इसलिए था क्योंकि सपा के राष्ट्रीय मनोज सिंह डब्लू सपरिवार अपनी दीवाली मनाने ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे। उन्होंने घर-घर मिठाई, मोमबत्ती व फुलझड़ियां बांटी और लोगों के प्रेम-स्नेह, आशीष व वात्सल्य को प्राप्त किया। उनके साथ उनकी पत्नी नीलू सिंह व पुत्री कैप्टन सिरसा सिंह ‘तब्बू’ थी, सभी ने त्यौहार की संध्या तेजोपुर गांव के लोगों को समर्पित कर दी और घंटों हंसी-खुशी एक-दूसरे से बांटते नजर आए। मनोज डब्लू ने कहा कि दीपावली हमें यही सीख व संदेश देता है कि यदि हम सामर्थ्यवान हैं तो दूसरों के जीवन को भी खुशियों से प्रकाशमान कर दें। क्योंकि बहुत से हमारे भाई-बंधू व बहनें-माताएं ऐसी हैं जो धनाभाव व लाचारी के कारण त्यौहार की रौनक से दूर रह जाते हैं।
दरअसल तेजोपुर से मनोज सिंह डब्लू की पुत्री तब्बू का विशेष लगाव है। 2012 में जब मनोज सिंह डब्लू निर्दल उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में थे तो उनकी पुत्री तब्बू तेजोपुर गांव पहुंची तो वहां के लोगों की गरीबी, बेबसी, सुविधाओं के अभाव व समस्याओं को देखकर रो पड़ी। उन्होंने अपने पिता से तेजोपुर के ग्रामीणों की व्यथा बताई और उन्हें तेजोपुर गांव के विकास के लिए प्रेरित किया। चुनाव बाद मनोज डब्लू विधायक बने और जब उन्हें सपा में शामिल किया गया तो उन्होंने अपने प्रयास से तेजोपुर गांव के गरीब ग्रामीणों को 56 लोहिया आवास देने का काम किया। इसके अलावा अपनी पुत्री की प्रेरणा से महिला लड़कियों की शिक्षा के लिए सैयदराजा में महिला डिग्री कालेज स्थापित किया। मनोज डब्लू ने कहा कि जनता के सुख-दुख का भागीदार ही सच्चा जनप्रतिनिधि होने का गुण है। सुविधाओं के अभाव व उसका लोगों के जीवन पर पड़ रहे प्रभाव को समझना ही उनके प्रति संवेदनशीलता होती है।

कहा कि आज पूरा देश दीपावली का त्यौहार मना रहा है, लेकिन हमारे बीच बहुत से अभावग्रस्त लोग ऐसे भी हैं जो दूसरों को खुशियों को दूर से निहार कर खुद को तसल्ली देकर रह जाते हैं। हमें ऐसे लोगों के बीच जाकर खुशियां बांटने की पहल करनी चाहिए। जैसा कि आज मेरी पुत्री तब्बू के प्रयास से आज हम सभी अपने घर से दूर तेजोपुर गांव में लोगों के बीच है। अपने लोगों को खुश देकर अच्छा लगता है। साथ ही खुशियां बांटकर खुद को खुश रहना का आनंद भी अपने आप में अलग है। आह्वान किया कि सुविधा सम्पन्न लोगों को अपने पास-पड़ोस के लोगों का ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि यह सभ्य समाज की पहली व प्राथमिक आवश्यकता है।

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