10.9 C
New York
Sunday, March 3, 2024

Buy now

चंदौली में कूड़े का ढेर जलाने वालों पर आखिर कब होगी कार्यवाही?

- Advertisement -

चंदौली जिला अस्पताल के समक्ष लम्बे समय से जलाया जा रहा कूड़ा
चंदौली। धान की कटाई के बाद पराली जलाने पर शासन-प्रशासन का कड़ा पहरा है। यहां तक सेटेलाइट के जरिए इसकी मानिटरिंग की बातें कहीं जाती है, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि पर्यावरण की सेहत को लेकर चिंतित शासन-प्रशासन की सख्ती क्या सिर्फ किसानों के लिए है या फिर उन तमाम संस्थाओं व व्यक्तियों पर प्रभावी है जिनके कृत्य से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। यदि यह नियम-नियमावली सभी पर समान रूप से प्रभावी है तो पिछले एक साल से जिला अस्पताल के समक्ष कूड़े के ढेर को जलाने के लिए जिम्मेदार नगर पंचायत के अफसरों व कर्मियों पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है। नगर पंचायत के इस कृत्य से न केवल हवा की सेहत खराब हो रही है, बल्कि जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ चिकित्सक व स्टाफ की सेहत पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा है। लेकिन इसके बाद भी जिला अस्पताल के सीएमएस के साथ-साथ सीएमओ कान में तेल डाले हुए हैं।


विदित हो कि चंदौली नगर पंचायत अंतर्गत कुल 15 वार्ड हैं। नगर के सभी वार्ड से कूड़ा एकत्रित कर जिला अस्पताल के समक्ष सड़क किनारे कूड़ा निस्तारित किया जाता है। कूड़े का ढेर वृहद आकार न ले। इसके लिए समय-समय पर उसमें आग लगा जला दिया जाता है और यह सिलसिला लम्बे समय से अनवरत जारी है। आसपास के लोग बताते हैं कि जब भी कूड़े को आग के हवाले किया जाता है आसपास का इलाका जहरीले धुंए से भर जाता है। लोगों का घरों के अंदर सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इतना ही नहीं जिला अस्पताल भी इस जहरीली हवा से पूरी तरह घिर जाता है। आसपास घनी आबादी व जिला अस्पताल व कई निजी अस्पताल होने के बावजूद लम्बे समय से कूड़ा जलाया जा रहा है। एसडीएम सदर से शिकायतों के बाद भी नगर पंचायत की ओर से कूड़ा जलाने का काम अनवरत जारी है, जिससे स्थानीय लोग तमाम तरह की स्वास्थ्य संबंधित बीमारियों की जद में आ रहे है। इतना ही नहीं 30 मीटर की दूरी पर वृद्धाश्रम भी संचालित होता है, जहां डीएम व सीडीओ समेत तमाम आला अफसरों का आना-जाना होता है। बावजूद इसके किसी ने भी कूड़ा जलाने के लिए जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों पर कार्यवाही की पहल नहीं की, जिससे यह कृत्य अनवरत किया जा रहा है। ऐसे में लोगों ने जिला प्रशासन से यह सवाल करना शुरू कर दिया है कि सेटेलाइट से केवल किसानों के खेतों में जल रही पराली दिखती है या फिर यह कूड़े का ढेर भी नजर आता है जिसे आए दिन जलाकर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी जाती हैं। ईओ अनिल सिंह ने बताया कि यदि ऐसा है तो इसको ठीक कराया जाएगा। वहीं एसडीएम सदर ने जलते हुए कूड़े पर पानी डलवाने की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही कूड़ा निस्तारण उचित व्यवस्था की जाएगी, ताकि आसपास के लोगों को दिक्कतें न हों।

चंदौली जिला अस्पताल के समक्ष कूड़े का ढेर जलाने से नेशनल हाइवे पर छाया धुंध।

Related Articles

Ad

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

You cannot copy content of this page

Verified by MonsterInsights