विश्वविद्यालय में सरकार के दमनकारी नीतिओ से छात्र आत्यहत्या करने को विवश: रामकिशुन


चंदौली। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बढ़ी फीस को लेकर प्रदेश की सरकार चुप्पी साधे हुए हैं। छात्रो के हित मे फीस की बढ़ोत्तरी सरकार तत्काल वापस ले और छात्रों पर हो रहे जुल्म अत्याचार पर तत्काल रोक लगाए। उक्त बातें गुरुवार को पूर्व सांसद रामकिशुन ने कही
कहा कि छात्रों के आंदोलन को कुचलने का काम कर रही है। सरकार जब-जब छात्रो के आंदोलनों को कुचलने की कोशिश की है। वो सत्ता विहीन हो जाती है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की फीस बढ़ोतरी के चलते कई कई छात्र मानसिक तनाव व प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं। वही फीस बढ़ोतरी के चलते कई छात्र आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं। सरकार को छात्रों की जायज मांगों को पूरा करना चाहिए। और उनसे वार्ता करके विश्वविद्यालय में चल रहे आंदोलन को समाप्त करना करना चाहिए। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस इतनी बड़ी है कि गरीब का बेटा विश्वविद्यालयों में नहीं पढ़ सकता है। बढ़ती महंगाई ने वैसे ही गरीबों की कमर तोड़ कर रख दिया है। और ऐसे में सरकार द्वारा फीस में वृद्धि करने का कोई औचित्य नहीं बनता है। सरकार अपनी दमनकारी नीतियों के चलते छात्रों की फीस बढ़ाई है। सरकार छात्र के आंदोलन को कुचलने की कोशिश ना करें नहीं तो छात्र सरकार को जड़ से उखाड़ फेकेंगे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों पर जब जब जुल्म अत्याचार हुआ है। प्रदेश और केंद्र की सत्ता बदल गयी है। अगर सरकार अपनी दमनकारी नीतियों को बंद नहीं किया तो पूरे प्रदेश में छात्र आंदोलन को फैलाने का काम करेंगे।