करवा चौथः सज-धजकर व्रती महिलाओं ने चांद संग पतियों का किया दीदार


Young Writer, चंदौली। करवा चौथ का त्यौहार गुरुवार को जनपद में परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस दौरान विवाहित महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा और अपने पति की दीर्घायु के लिए मंगल कामना की। साथ ही चांद के साथ अपने पति का छलनी से दीदार किया और व्रत का पारण किया। इस दौरान व्रती महिलाएं नए परिधान में सोलहों श्रृंगार करके पूरे विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।

बरियारपुर गांव में छलनी से चांद का निहारती नवनिवाहिता शिवानी सिंह।

चरवा चौथ त्यौहार को लेकर खासकर नवविवाहित जोड़ों में उत्साह देखने को मिला। इस उत्साह में घर की महिलाओं ने नयी-नवेही दुल्हनों का साथ ही दिया और इस पूजा बारीकियों से अवगत कराने के साथ ही पूरे पूरा करने में सहयोग देती दिखी। सूर्य ढहने के बाद घरों पर लोगों की चहल-पहल दिखने लगी। छतों पर रंग-बिरंगे विद्युत झालरों से सुंदर सजावट की गयी थी। इसके अलावा पूजा स्थल को भी सजावट से भव्यता प्रदान की गयी थी। जैसे ही चांद का दीदार हुआ व्रती महिलाओं ने पूजन-अर्चन कर छलनी से अपने पति का झलक देखी। इस दौरान व्रती महिलाएं बेसब्री से चांद के निकलने का इंतजार करती हुई नजर आई। चंदौली नगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी करवा-चौथ पूजा की धूम रही और लोगों ने पूरे उत्साह के साथ इस त्यौहार को मनाया।

चंदौली नगर में छत पर चांद निकलने का इंतजार करती विवाहिता।

करवा चौथः पति की दीर्घायु की महिलाओं ने की कामना
नियामताबाद।
स्थानीय कम्हरिया गांव में गुरुवार को करवा चौथ मनाया गया। देशभर में करवा चौथ का व्रत धूमधाम से सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए मनाती हैं वही कुंवारी लड़कियां निर्जला व्रत रहकर जिनका विवाह होने वाला है वह भी अपने होने वाले जीवनसाथी के लिए व्रत रखती है। व्रत में शाम को माता पार्वती के साथ शिवजी और प्रथम पूज्य गणेश की पूजा करते हैं और करवा के अखंड सौभाग्य की कृपा सुनते हैं रात्रि के समय में चंद्रमा को अरग देकर पति की लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करती हैं कम्हरिया निवासी चंचला मिश्रा ने बताया कि चंद्रमा को जल अर्पित करने से पति और पत्नी का रिश्ता प्रगाढ़ होता है सुख समृद्धि के साथ जीवन खुशहाल होता है। हिंदू धर्म के अनुसार करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि में मनाया जाता है इस साल 13 अक्टूबर यानी आज के दिन यह पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है इस दिन विधि विधान से शादीशुदा महिलाएं पूजा-अर्चना करती हैं और अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं पूजा में सोलह सिंगार का सामान रखना बेहद जरूरी होता है।