जिलाधिकारी का कड़ा रुख ITI कॉलेज कस्तूरबा विद्यालय सहित अस्पताल का किया औचक निरिक्षण, दिए जांच के निर्देश



चन्दौली। जिलाधिकारी श्रीमती ईशा दुहन ने बुधवार की सायं विकासखंड के फिरोज़पुर चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय कस्तूरबा विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया वही फिरोजपुर, गांव स्थित निर्माणधीन आईटीआई कालेज का औचक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मानक की गुणवत्ता में कमी और घटिया सामग्री का इस्तेमाल देख भड़की जिलाधिकारी ने कार्य कर रही संस्था को जमकर फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद टेक्निकल टीम को निर्माण सामग्री में ईट सरिया और सीमेंट की जांच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण से हड़कंप मचा रहा।


बुधवार की सायं फिरोजपुर गांव के गोवंश आश्रय स्थल पहुंची जिलाधिकारी ने पशुओं के रखरखाव और उनकी स्थिति का जायजा लिया। पशुओं के चारे पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी को फटकार लगाई। कहा शासन की मंशा के अनुरूप गोवंश आश्रय स्थलों पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने गोवंश आश्रय स्थल के पास स्थित तालाब को अमृत सरोवर योजना के तहत विकसित करने के खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने गांव में ही निर्माणाधीन राजकीय आईटीआई कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। जहां समय सीमा के अंदर कार्य के पूर्ण नहीं होने पर कार्यदाई संस्था निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार पर नाराजगी जताई। निर्माण में दोयम दर्जे की घटिया सीमेंट और लो क्वालिटी की छड़ का इस्तेमाल देख भड़की जिलाधिकारी ने तत्काल टेक्निकल टीम को तीनों का सैंपल लेकर जांच करने के निर्देश दिए। चेताया गुणवत्ता में कमी मिली तो संबंधित के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने ठेकेदार को अधिक से अधिक मजदूरों को लगाकर समय सीमा के अंदर कार्य को पूर्ण कराने के सख्त निर्देश दिए।


इसके अलावा जिलाधिकारी ने जिला संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। जिसमें जिलाधिकारी ने इमरजेंसी,महिला पुरुष वार्ड, स्त्री एवं प्रसूति डिलीवरी कक्ष, दवाई स्टोर , नवजात आइसोलेशन कक्ष का निरीक्षण किया। डॉक्टरों के समय से ना आने और जल्दी चले जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने सीएमएस अजय सिंह गौतम को चेताया कि सुबह 8 बजे से 2 बजे के समय का सभी डॉक्टर पालन करें अन्यथा की स्थिति में वेतन रोकने की कार्यवाही की जाएगी।


इस दौरान एडीएम अजितेंद्र नारायण,उपजिलाधिकारी ज्वाला प्रसाद, तहसीलदार विकासधर दुबे, कोतवाल मुकेश कुमार, सहित तमाम लोग मौजूद रहे।