लोकतंत्र में नागरिक सम्मान के पक्षधर थे पूर्व प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह

Young Writer, चंदौली। चंदौली की राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ गए पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन से उनके समर्थन व चाहने वाले मर्माहत दिखे। हर किसी ने उनकी शख्सित की स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कहा कि वह तटस्थ रहने वाले नेताओं में से थे जिनकी लोकतंत्र में आस्था थी और वे आम आदमी के सम्मान दिलाने पक्षधर रहे। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ अपने नेता के निधन से मर्माहत नजर आई। 
चंदौली के पूर्व प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन से मर्माहत ललित निबंधकार डा. उमेश प्रसाद सिंह ने उनके व्यक्तित्व को शानदार व सशक्त बताया। उन्होंने कहा कि चंदौली के पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन का समाचार दुखद है। वे राजनीति में विचारों की दृढ़ता के मिशाल थे। उन्होंने लोकतंत्र में नागरिक के सम्मान को हमेशा वरियता दी। जनता की सहायता के लिए संघर्ष करना उनका स्वभाव था। एक लम्बे समय तक वे चंदौली के स्वाभिमान के प्रतीक पुरुष की तरह स्थापित थे। वे राजनीति और समाज के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगे। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष झन्मेजय सिंह ने पूर्व प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। कहा कि वह किसी जाति विशेष के नेता न होता सर्वमान्य नेता थे, उनके निधन से जो क्षति पहुंची है उसकी भरपाई संभव नहीं है। क्षत्रिय समाज को एकजुट होना होगा। साथ ही उनके आदर्शों को आत्मसात करके आगे बढ़ने की जरूरत है।  पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि शहाबगंज अनुग्रह नारायण सिंह उर्फ बंटी ने कहा कि चंदौली प्रमुख रहे वीरेंद्रनाथ सिंह जैसी शख्सित सदियों में कभी-कभार पैदा होते हैं जो अपने जीवन काल में किए गए कार्य और अपने कुशल व्यवहार से लोगों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ जाते हैं। अपने आचरण व कार्य व्यवहार के कारण वह कई लम्बे समय तक चंदौली ब्लाक की राजनीति में अपना दबदबा बनाए रखा, जो उनके कुशल राजनीतिज्ञ होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उनके व्यक्तित्व से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। आज उनके निधन से चंदौली समेत पूर्वांचल का क्षत्रिय समाज व उनके चाहते वाले मर्माहत हैं।