समस्याः जिलाधिकारी कार्यालय से सटे बिछियां अंडरपास पुलिया में जमा है पानी

Young Writer: बिछियां अंडर पास पुलिया में जमा पानी से होकर गुजरते बाइक व साइकिल सवार।
Young Writer: बिछियां अंडर पास पुलिया में जमा पानी से होकर गुजरते बाइक व साइकिल सवार।

आए दिन साइकिल व बाइक सवार गिरकर हो जाते हैं चोटिल

Young Writer, चंदौली। क्षेत्र के बिछियां गांव में आमजन के आवागमन के लिए बनी अंडरपास पुलिया जलजमाव की चपेट में है। उक्त पुलिस में लम्बे समय से जलजमाव की स्थिति है जिस कारण पैदल आवागमन करना अब संभव नहीं रहा। वहीं साइकिल व बाइक सवार आए दिन पुलिया में जमा पानी में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। वहीं कुछ लोगों के कपड़े भी गंदे पानी में गिरने से खराब हो जाते हैं। इस समस्या से स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही आवागमन करने वाले राहगीरों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।

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विदित हो कि पिछले वर्ष रेलवे ने फ्रेट कारिडोर परियोजना के तहत ग्रामीणों व वाहनों के आवागमन के लिए अंडर पास पुलिया का निर्माण कराया, ताकि ट्रेनों के परिचालन के साथ ही स्थानीय सड़क मार्ग से आवागमन बहाल रहे। परियोजना अच्छी थी और जब बनकर तैयार हुई तो लोगों को लगा कि अब उन्हें रेलवे क्रासिंग पर घंटों अपना समय बर्बाद नहीं करना होगा। कुछ दिनों तक सबठीक चला, लेकिन इसके बाद पुलिया में आसपास के खेत-सिवान का पानी रिसकर जमा होने लगा। यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती गयी। अब तो स्थिति यह है कि एक से डेढ़ फीट पानी पुलिया के मध्य में जमा रहता है, जिससे बाइक, साइकिल सवार के अलावा चार चक्का वाहन चालक एवं ट्रैक्टर-ट्राली का आवागमन होता है। हालांकि पानी भरा होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों का पैदल नहीं हो पाता है। वहीं साइकिल व बाइक सवार आए दिन पानी में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी वीआईपी नेताओं व अफसरों का आना होता है तो पुलिया से पानी निकाल दिया जाता है। लेकिन सामान्य दिनों में पानी जमा रहा है। बताते है। कि कभी-कभी ढाई से तीन फीट तक पानी जमा हो जाता है जिससे बाइक सवार भी पुलिया से गुजरने में हिचकने लगते हैं। मांग किया कि पुलिया में जमा पानी को निकाला जाए, ताकि आवागमन में हो रही परेशानी दूर हो, अन्यथा ग्रामीण सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।