25.3 C
New York
Wednesday, June 19, 2024

Buy now

Nauragh के औरवाटांड़ में जानवर से बदतर स्थिति में जी रहे ग्रामीणः मनोज डब्लू

- Advertisement -

एक माह बाद बिजली विभाग के एक्सईएन को बांधने की सपा नेता मनोज डब्लू ने दी चेतावनी

गांव में न बिजली, न सड़क और ना ही शिक्षा की है कोई व्यवस्था

Young Writer, Nauragh चंदौली। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू शुक्रवार को नौगढ़ क्षेत्र के दौरे पर रहे। इस दौरान वह औरवाटांड़ गांव पहुंचे, जहां अव्यवस्थाओं व दुश्वारियों को देखकर मर्माहत हो उठे और उनका दर्द ग्रामीणों के समक्ष झलक उठा। विकास के खोखले दावों के बीच जानवरों की तरह जी रहे ग्रामीणों के दर्द को महसूस किया और सरकार के स्वच्छ भारत अभियान समेत करोड़ों-अरबों की योजनाओं पर सवाल खड़े किए। साथ ही भाजपा के स्थानीय विधायक व सांसद को भी आड़े हाथ लिया। बिजली विभाग के एक्सईएन को खुली चेतावनी दी कि यदि एक माह के अंदर औरवाटांड में बिजली आपूर्ति व्यवस्था स्थापित नहीं हुई तो वह उन्हें आमजन के सहयोग से बांधने का काम करेंगे।

इस दौरान उन्होंने गांव के शौचालयों की दुर्दशा को देखा। साथ ही पेयजल किल्लत से भी रूबरू हुए। ग्राम प्रधान संतलाल समेत ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी में हैंडपम्प जवाब दे जाते हैं। ऐसे में कर्मनाशा नदी का पानी ही उनके जीवन के एकमात्र सहारा बचता है, जिससे वह खाना बनाते हैं और उसी को ही पीकर अपनी प्यास बुझाते हैं। गांव में सोलर लाइटें लगी हैं लेकिन उनकी बैट्री गायब है। मनोज डब्लू ने कहा कि शौचालयों को इस कदर बनाया गया है कि वह उपयोग से बाहर हैं। जो अपने आप में कई सवाल खड़े करती है और सरकार के स्वच्छ भारत मिशन पर करारा तमाचा है। यहां सड़कें नहीं है गांव आने के लिए दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। बच्चों के लिए स्कूल नहीं है। हालात इतने खराब हैं कि छोटे बच्चों को एनजीओ के लोग पढा-लिखा रहे हैं।

Manoj Singh W ने कहा कि जो लोग जनहित के मुद्दे पर कटाक्ष करते हैं वह इस संदेश को देखने के बाद समय निकाले और जनता के बीच आकर उनकी समस्याओं को जानने के साथ ही उनके दर्द को महसूस करें। आजादी के इनते साल बाद भी औरवाटांड गांव में बिजली नहीं है जो आज भी ढिबरी युग में जी रहे है। केरोसिन का वितरण बंद होने से ग्रामीणों के समक्ष दुश्वारियां और बढ़ गयी है। औरवाटांड गांव के हालात इतने बुरे हैं कि ऐसी स्थिति में जानवर भी जिंदा नहीं रह पाए। बावजूद इसके यहां के बाशिंदे हरदिन तमाम दुश्वारियों के बीच किसी तरह अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। कहा कि एक महीने बाद वह फिर से औरवाटांड जाएंगे और यहां व्यवस्था बदली नहीं हुई मिली तो अफसरों को बांधने का काम होगा। क्योंकि चंदौली जनपद को अब आगे बदहाल स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा।

-Young Writer Naugarh

Related Articles

Election - 2024

Latest Articles

You cannot copy content of this page

Verified by MonsterInsights