Young Writer, चंदौली। जिला कृषि अधिकारी बसन्त कुमार दुबे ने बताया कि पराली जलाने की समस्या से पर्यावरण प्रदूषण तथा मृदा स्वास्थ्य को हो रहे नुकसान को गम्भीरता से लिया है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने इसकी रोक-थाम के लिए लघु व सीमान्त किसान 02 एकड़ से कम भूमि धारकों को 2500 रुपये, लघु एवं सीमान्त किसानों को 02 से 05 एकड़ तक के भूमि धारकों को 5000 हजार रुपये एवं बड़े कृषक 05 एकड़ से अधिक भूमि धारकों को पराली जलाने पर 15000 रुपये अर्थदण्ड की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बतायाकि जनपद में धान की पराली जलाने की समस्या से निजात दिलाने के लिए सुखबीर एग्रो लिमिटेड गाजीपुर द्वारा सार्थक पहल की गयी है इसके अन्तर्गत कम्पनी द्वारा 5 बेलर मशीने (गाठ बनाने वाली मशीने) लायी गयी है जो खेत में अवशेष धान के डंठलो को बटोरकर गांठ बनाकर उसको अन्यत्र उपयोग के लायक बनाया जायेगा। इससे किसानो का खेत अगली फसल की बुआई के लिए समय से खाली हो जायेगा। इसके लिए उनको कोई शुल्क भी नही देना होगा तथा पराली लाने के अपराध से बच सकेंगे। उन्होंने जनपद के कृषको से अनुरोध है कि यदि आपके खेत में धान की पराली अवशेष है एवं खेत को शीघ्र खाली करना है तो सुखबीर एग्रो लिमिटेड गाजीपुर के सुखपाल सिंह मोबाइल नंबर-9416411931, मनदीप सिंह मोबाइल नंबर-7015713953 तथा भलिन्दर सिंह मोबाइल नंबर-9466092161 से सम्पर्क कर सकते है। इसके अलावा जिला कृषि अधिकारी, चन्दौली के मोबाइल नंबर 7839882312 पर सूचित कर सकते है।

