Young Writer, चकिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा के स्थानांतरण की मांग को लेकर कचहरी परिसर में न्यायिक कार्य से विरत रहकर धरना-प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने शनिवार को नगर में जुलूस निकालकर संपूर्ण समाधान दिवस से निकलने के बाद जिलाधिकारी से मुलाकात की। घंटों तक चली वार्ता का कोई निष्कर्ष नहीं निकला, जिससे अधिवक्ता वापस लौट गए।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा द्वारा अधिवक्ताओं और वादकारियों के साथ किए गए दुर्व्यवहार व नगर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार के मामले में चकिया बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर पिछले 10 दिनों से लगातार धरनारत हैं। बीते दिनों जिला मुख्यालय पर दौरे पर आए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय को भी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के स्थानांतरण से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया था। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान धरनारत अधिवक्ताओं ने नगर में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालकर विरोध किया जिलाधिकारी से मिलने के लिए तहसील गेट पर पहुंचे अधिवक्ताओं को पहले तो पुलिस और पीएसी के जवानों ने रोक दिया। बाद में जिलाधिकारी ने उन्हें संपूर्ण समाधान दिवस के उपरांत मिलने के लिए बुलाया। उपजिलाधिकारी कार्यालय में लगभग एक घंटे तक अधिवक्ताओं और जिलाधिकारी के बीच चली गोपनीय वार्ता का कोई निष्कर्ष नहीं निकला, जिससे अधिवक्ताओं को वापस लौटना पड़ा। प्रतिनिधिमंडल ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश नारायण तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता शिवप्रसाद सिंह, संतोष चौरसिया, बृजराज सिंह मौजूद रहे।
अधिवक्ता को प्रबंध समिति से किया निष्कासित
चकिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मिणा और अधिवक्ताओं के बीच चल रहे विवाद के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पक्ष में फेसबुक में कमेंट करना अधिवक्ता को महंगा पड़ गया। बार एसोसिएशन ने बैठक कर अधिवक्ता उदय नारायण भट्ट की बार एसोसिएशन की सदस्यता पूर्व में समाप्त कर दी थी। बार एसोसिएशन के प्रस्ताव पर शनिवार को आदित्य पुस्तकालय प्रबंधन समिति की हुई आवश्यक बैठक में भी अध्यक्ष मारुति नंदन आनंद व महामंत्री विकास पाण्डेय ने प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष पद से हटाते हुए अधिवक्ता उदय नारायण भट्ट को निष्कासित कर दिया।

