Young Writer, चकिया। चंदौली जनपद के शिकारगंज क्षेत्र की प्रतिबंधित पहाड़ियों पर हो रहे अवैध खनन को रोकने में निकली वन विभाग व पुलिस टीम को खनन माफियाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। सूत्र बताते हैं कि बीते मंगलवार की देर शाम ट्रक पर बोल्डर लादे जाने की सूचना पर पहुंचे वन विभाग और पुलिस विभाग का खनन माफियाओं से सामाना हुआ तो दूसरे पक्ष के जोरदार प्रतिकार हुआ। पत्थर खनन से जुड़े मजदूरों के आक्रामक रवैया को देखकर पुलिस और वन विभाग की टीम ट्रक को वहीं छोड़ बैरंग वापस लौट गई। इस दौरान पुलिस व वन विभाग के दल पर पथराव भी हुआ।
बीते मंगलवार की देर शाम चंद्रप्रभा रेंजर बृजेश पांडेय को सूचना मिली कि सहामदपुर गांव के पास अवैध रूप से ट्रक पर बोल्डर लादा जा रहा है जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रेंजर अपनी टीम के साथ ट्रक को अपनी गिरफ्त में लेने के लिए पहुंच गए, लेकिन खुद को घिरता देख उन्होंने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे कोतवाल राजेश यादव अपनी टीम के साथ पहुंच गए और ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक गाड़ी छोड़कर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस और वन विभाग द्वारा ट्रक को कब्जे में लेने की सूचना पर वहां भारी भीड़ ने घेराव कर लिया। इस दौरान पुलिस पार्टी पर पथराव होने की भी चर्चाएं रही। पथराव में कोतवाल चकिया की फर्स्ट मोबाइल वाहन व वन विभाग की क्षतिग्रस्त हो गई। उसके बावजूद कोतवाल ने साहस का परिचय देते हुए खनन क्षेत्र में अपनी गाड़ी से उतरकर मजदूरों को समझाने लगे काफी मशक्कत के बाद किसी तरह खनन करने वाले मजदूरों का गुस्सा शांत हुआ, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण देख चकिया कोतवाल ने पकड़ी गई ट्रक के कागजात मजदूरों के हवाले कर दिया। मौके से बैरंग वापस लौट आए। इस बाबत डीएफओ दिनेश सिंह ने बताया कि अवैध खनन की सुचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम कार्रवाई करने मौके पर पहुंची थी। इस दौरान खनन माफियाओं ने टीम का घेराव कर पथराव करने लगे। फोर्स की कमी के चलते बिना कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा। फिलहाल इस पूरे घटना से जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा को अवगत करा दिया गया। साथ ही कार्रवाई के बाबत रणनीति बनाई जा रही है।

