चंदौली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अनुमति क़े उपरांत कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा निर्देशित मनरेगा वाचाओ संग्राम का उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस क़े प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा को जनपद चंदौली का को-आर्डिनेटर बनाया गया।
विदित है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक क़े दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी एवं प्रियंका गाँधी सहित उपस्थित सभी नेताओं ने मनरेगा को बचाने का संकल्प लिया। जिसके उपरांत देश क़े सभी जनपदों में मनरेगा बचाओ संग्राम को युद्ध स्तर पर गांव-गांव तक पहुंचाने क़े लिए को-ऑर्डिनेटर की नियुक्ति किया गया। चंदौली जिला में कोऑर्डिनेटर का दायित्व प्रदीप मिश्रा सौंपा गया है। पार्टी की ओर से जिम्मेदारी दिए जाने के बाद उन्होंने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। कहा कि कांग्रेस पूरे देश में मनरेगा बचाओ अभियान शुरू करने जा रही है। इसका पहला चरण 8 जनवरी से शुरू होगा और 25 फरवरी तक चलेगा। इस अभियान क़े दौरान गाँव गांव तक लोगों को यह बताया जायेगा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मनरेगा अधिनियम को बदलकर जो वीबी जी राम जी अधिनियम जो अभी हाल ही में लोकसभा एवं राज्यसभा में पारित किया गया है, इसका सिर्फ नाम बड़ा है। इस अधिनियम में रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। राज्य सरकारों क़े लिए वित्तीय सहायता की कोई गारंटी नहीं है। इस अधिनियम में सिर्फ केंद्र सरकार तय करेगी कि पैसे का आवंटन कैसे होगा, किस आधार पर होगा और किन किन पंचायतों को इसका लाभ मिलेगा। इसलिए अब ये रोजगार का हक़ नहीं रह गया बल्कि केंद्र सरकार का केंद्रीय कार्यक्रम बन गया है। कांग्रेस पार्टी सरकार क़े इस फैसले का विरोध करेगी क्योंकि मनरेगा केवल एक योजना नहीं है बल्कि यह संविधान की ओर से काम करने का अधिकार दिया गया है। इसे कमजोर या ख़त्म करना गरीबों और मजदूरों क़े अधिकारों पर सीधा हमला है। मनरेगा यूपीए सरकार का एक दूरदर्शी कानून था, जिसकी सराहना पूरी दुनिया में हुई। इस योजना का असर इतना बड़ा था कि इसका नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया। मनरेगा योजना को खत्म करना महात्मा गांधी का अपमान है।

