चंदौली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शनिवार को चंदौली जिले के इंटीग्रेटेड कोर्ट काम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। इसके साथ ही सूबे के महोबा, अमेठी, शामली, औरइया व हाथरस जनपद में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास का कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिले के लिए यह पल ऐतिहासिक रहा, जिसका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी साक्षी बने और उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन कर शिलान्यास कार्यक्रम पूर्ण किया और इसके लिए आमजन को बधाई भी दी।
इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि चंदौली जिला अपनी ऐतिहासिकता, धार्मिक पहचान और मंदिरों के लिए जाना जाता है, लेकिन आज से यहां न्यायिक मंदिरों की स्थापना की जा रही है। यह इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स आने वाले 50 वर्षों तक की आवश्यकताओं को पूर्ति करेगा, जो अगले 18 माह में पूर्ण हो जाएगा। यह परियोजना पूरे देश के लिए एक उदाहरण और बेंचमार्क बनेगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। कहा कि देश के अन्य राज्य सरकारों से भी इसी मॉडल को अपनाने की जरूरत है। साथ ही हाईकोर्ट को भी इससे सीख लेने की आवश्यकता है।

कहा कि सभी कोर्ट परिसरों में महिलाओं के लिए अलग बार रूम की व्यवस्था की जाए, जो न्यायिक ढांचे को और अधिक समावेशी बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन भारतीय न्यायिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना बहुत जरूरी है। सरकार की यह पहल उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके साथ ही चार अन्य जनपदों में भी शीघ्र इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास की घोषणा मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने सरकार की ओर से आश्वस्त किया कि पैसे की कोई कमी नहीं है। धन आवंटन व डिजाइन स्वीकृति के साथ ही सभी 6 जिलों में निर्माण के सभी औपचारिकता पूरी कर ली है। कहा कि चंदौली में बन रहे कोर्ट काम्प्लेक्स में सभी कोर्ट रूम के अलावा अधिवक्ताओं के लिए सुविधाओं से लैश चैम्बर का भी निर्माण होगा।

इसके अलावा न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास, स्पोर्टस, पार्किंग जैसी सभी सुविधाएं होंगी। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से भाजपा सरकार तेजी से अत्याधुनिक इंफ्रा स्ट्रक्चर विकसित कर रही है। इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मित्थल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय इलाहाबाद, न्यायमूर्ति अरूण भंसाली आदि उपस्थित रहे।

