डीडीयू नगर। रेलवे स्टेशन से मंगलवार की रात 2 वर्षीय बालक के चोरी होने की घटना के 24 घंटे के भीतर जीआरपी, आरपीएफ की संयुक्त टीम ने बच्चे को बरामद कर लिया। यही नहीं बच्चा चुराने वाले गिरोह के 04 सदस्यों को भी गिरफ्तार किया। बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों ने बताया कि नशीला पदार्थ खिलाकर बच्चे को अचेत कर देते हैं। उसके बाद बच्चे को लेकर भाग जाते हैं। बच्चे को ऊंचे दाम पर नर्सिंग होम में बेच देते थे। जीआरपी बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों का चालान कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
जीआरपी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन से बच्चा चोरी की सूचना पर आरपीएफ, सीआईबी, रेलवे चाइल्ड लाइन और बचपन बचाओ आंदोलन के साथ संयुक्त टीम गठित की। टीम के सदस्यों ने खोजबीन शुरू की। बुधवार की शाम 5 बजे डीएफसीसी लाइन पर चार संदिग्ध व्यक्ति एक बालक के साथ दिखे। उन्हें पकड़ कर जीआरपी लाया गया। यहां बच्चे की पहचान गायब बालक दिव्यांशु के रूप में हुई। पूछताछ में पकडे गए चारों ने अपना नाम जितेन्द्र कुमार निवासी गोह, औरंगाबाद, पवन प्रसाद रोहतास, मनीष कुमार शर्मा निवासी वार्ड संख्या 14 डुमरांव, बक्सर और मधु कुमारी निवासी चरपोखरी, आरा बिहार बताया। पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि वे आरा जिला में किराए के अलग अलग मकान में रहते हैं। संगठित होकर बच्चा चोरी करते हैं। बताया कि चोरी के बच्चे को मुजफ्फरपुर बिहार लेकर जाते है। यहां मंशा नर्सिंग होम में काम करने वाले मालिक नसीम नामक व्यक्ति व खुशबू नाम की महिला को एक लाख रुपये लेकर बेच देते है। हम सब इससे पहले भी 7-8 बार बच्चों को चोरी करके नसीम नाम के व्यक्ति को बेच चुके हैं। बदमाशों क पास से दूध पिलाने वाला प्लास्टिक का बेबी निप्पल बोतल दूध से भरा हुआ। छोटे बच्चे का नया डायपर, ऊनी टोपी, एक जोड़ी नया कपड़ा, नशीली दवाई आदि बरामद हुआ। निरीक्षक ने बताया कि चारों का चालान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

