चंदौली। सदर तहसील परिसर में शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह के निधन पर शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस श्रद्धांजलि सभा का आयोजन अधिवक्ता एवं डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार के पूर्व महामंत्री झनमेजय सिंह की देखरेख में किया गया जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह का सोमवार को हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही अधिवक्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। तहसील परिसर में दिन भर शोक का माहौल बना रहा साथ ही अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। अधिवक्ताओं ने शोकसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सुरेंद्र प्रताप सिंह न केवल एक कुशल अधिवक्ता थे बल्कि न्यायालय निर्माण आंदोलन में उनकी भूमिका बेहद अहम रही थी। उन्होंने न्यायालय भवन निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन कर अधिवक्ताओं की आवाज बुलंद की थी। उनके संघर्ष और समर्पण को अधिवक्ता समाज कभी भुला नहीं पाएगा। सुरेंद्र प्रताप सिंह सरल स्वभाव मिलनसार और न्याय के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। उनका असमय निधन अधिवक्ता समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दौरान डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार अध्यक्ष राजेश मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष अनिल सिंह, संतोष सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, सिविल बार पूर्व अध्यक्ष राकेश रत्न तिवारी, धनन्जय सिंह, उज्ज्वल सिंह, महामंत्री सुल्तान अहमद, शमशुद्दीन, शहाबुद्दीन, सदानन्द राय, भूपेंद्र सिंह, हिटलर सिंह, आदि मौजूद रहे।

