चंदौली। ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश व्यापारी आंदोलन के समर्थन किया। इस दौरान विरोध में बाह पर काली पट्टी बांधकर जमकर नारे भी लगाए। इस मौके पर वक्ताओं ने शासन द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों को बिना कोई अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराये उनके व्यक्तिगत मोबाइल एवं सिम से फेशियल रिकॉग्निशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम के द्वारा क्षेत्रीय सचिवों की उपस्थिति हेतु पत्र जारी किया है जिससे पूरे प्रदेश में सचिवों में रोष एवं भय व्याप्त है क्योंकि उपर्युक्त उपस्थित प्रणाली उनके क्षेत्रीय कार्य की प्रकृति के बिल्कुल विपरीत है।
साथ ही पूरे प्रदेश में क्षेत्रीय ग्राम सचिव अपना मूल कार्य नियमित ढंग से नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनके ऊपर गैर विभागीय कार्य जैसे फार्मर रजिस्ट्री, एग्रो स्टैक सर्वे, गौशाला प्रबंधन, आयुष्मान हेल्थ कार्ड, फैमिली आईडी, विभिन्न प्रकार के पेंशनों का सत्यापन, शिक्षा विभाग के ऑपरेशन कायाकल्प एवं बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, गायों के लिए भूसा का प्रबंधन, सोलर पैनल लगवाने का लक्ष्य, पराली प्रबंधन आदि को करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए शासन प्रशासन के अधिकारी अत्यधिक दबाव बना रहे है,ं जिससे कर्मचारी अस्वस्थ होने के साथ विभिन्न दुर्घटनाओं के भी शिकार हो रहे हैं। सचिवों की समस्या व पीड़ा को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने चार दिसंबर तक विकास खंडों में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। वहीं 05 दिसंबर को पूरे प्रदेश के समस्त 826 विकास खंडों में प्रदेश के समस्त सचिव एक दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री को समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रेषित करेंगे। इसके बाद शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों से अपने को विरत कर लेंगे। 10 दिसंबर से प्रदेश के सभी सचिव अपने निजी वाहनों से सरकारी कार्य नहीं करेंगे तथा 15 दिसंबर को अपने डोंगल को विकासखंडों पर समर्पित कर देंगे। अगर शासन प्रशासन द्वारा समस्या के समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास नहीं किया गया तो संपूर्ण कार्य बहिष्कार एवं अनवरत धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

