चंदौली। क्षेत्र के गौरी गांव में बुधवार को इफको के तत्वावधान में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा नैनो डीएपी नैनो जिंक व सागरिका पर आधारित किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को नैनो यूरिया डीएपी व सागरिका प्रयोग एवं उसके लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ प्रतीक सिंह ने बताया की किसान कम लागत में अधिक पैदावार करने के लिए नैनो डीएपी व नैनो जिंक का प्रयोग करें। जिससे उपचारित करके की गई बुवाई से बीज का अच्छा अंकुरण होगा। और साथ ही फसलों के पैदावार में वृद्धि होगी। एवं खेतों में किट और रोग से बचाव होगा। जहा पौधे की पत्तियों एवं जड़ का विकास अधिक होगा। मयंक सिंह (इफको) ने बताया कि किसान खेतों में नैनो डीएपी और सागरिका के उपयोग से खेती में लागत कम और पैदावार अच्छा कर सकते है। नैनो डीएपी व नैनो जिंक पारंपरिक यूरिया की आवश्यकता को 50ः तक कम कर सकता है। इसके साथ ही खेतो में नैनो डीएपी जिंक के प्रयोग से मिट्टी में उर्वरता बनी रहेगी। साथ ही पौधे स्वस्थ व पशुओं को गुणवत्ता युक्त चारा मिल सकता है। इस दौरान महेंद्र सिंह, रामाज्ञा सिंह, शिव पूजन सिंह, रवि कुमार आदि उपस्थित रहे।

