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Thursday, February 26, 2026

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टीईटी की अनिवार्यता का आदेश शिक्षकों के साथ अन्याय,नाराज शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर दिया धरना

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चंदौली। टेट की अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को जनपद के शिक्षक सड़क पर नजर आए। नाराज शिक्षकों ने पहले बीएसए चंदौली पर धरना दिया और सुप्रीम कोर्ट के फैसले अनुचित बताते हुए अपनी भड़ास निकाली। इसके बाद बीएसए को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। इसके बाद जुलूस निकालकर कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष आनंद सिंह नेे कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009, 27 जुलाई 2011 से लागू किया गया है। अधिनियम के अनुसार उसके प्रभावी होने की तिथि से अथवा उसके उपरांत नियुक्त होने वाले वाले शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) होना अनिवार्य किया गया है। जबकि अधिनियम के पूर्व में नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा गया है, परन्तु सर्वोच्च न्यायालय के 01 सितंबर 2025 के निर्णय द्वारा देश के सभी राज्यों में अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति हेतु टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है, जो सरासर अन्याय है। जिसके फलस्वरूप देश भर के शिक्षक एवं मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठन टीचर्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया के बैनर तले आन्दोलनरत रहकर आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को अध्यादेश लाकर टीईटी से छूट की मांग कर रहे है। इस अवसर पर संतोष सिंह, सुनीता तिवारी, यशवर्धन सिंह, अजय गुप्ता, विवेक सिंह, जयनारायण यादव, चन्द्रकान्त सिंह, राजीव यादव, अखिलेश मिश्रा, प्रवीण कुशवाहा, रामाश्रम आर्या, गिरीश, रामअवध, योगेश सिंह, मु० अकरम, गौरव मौर्या, बाबूलाल मौर्या आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता रामनगीना सिंह व संचालन आलोक सिंह ने किया। 

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