चंदौली। मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में इफको द्वारा वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ नरेंद्र रघुवंशी की उपस्थिति में नैनो डीएपी का प्रदर्शन किया गया। वही नैनो डीएपी के प्रयोग से हुए फसलों को क्रॉप कटिंग कराकर उसकी गुणवत्ता व वजन को देखा गया। जिसमें अच्छी गुणवत्ता के साथ फसल के दानों में अधिक संख्या पाई गई।
इस दौरान कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि फसलों में नैनो डीएपी प्रयोग करने से खेतों में पैदावार अच्छी होती हैं। साथ ही दानों की संख्या बढ़ जाती हैं। एग्रो क्लाइमेट ज़ोन में नर्सरी से लेकर फसलों कटाई कृषी वैज्ञानिकों के उपस्थित में किया जाता है। आगामी रबी की फसलों में किसान गेहूं, चना, जौ, मटर, सरसों, में नैनो डीएपी का शोधन कर बुवाई कर सकते हैं। जिससे बीज की जड़े मजबूत होंगी साथ ही गुणवत्ता के साथ फसल की पैदावार अच्छी होंगी। और खेतों में मिट्टी की भी गुणवत्ता बनी रहेंगी। इस मौके पर एसएफए मयंक सिंह, दिग्विजय सिंह, डॉ प्रतीक सिंह, डॉ मनीष सिंह, डॉ चंदन सिंह, डॉ अभय दीप गौतम, डॉ अमित सिंह, सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद है।

