जिला न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति ने बैठक कर जताई खुशी
चंदौली। जिला न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति के साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को चंदौली कचहरी में अधिवक्ता झन्मेजय सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान अधिवक्ताओं ने 17 जनवरी को प्रस्तावित जिला न्यायालय भवन निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया और एक-दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी जाहिर की। कहा कि यह चंदौली के अधिवक्ताओं, व्यापारियों व आम नागरिकों के संघर्ष की जीत है।
इस दौरान डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री झन्मेजय सिंह ने कहा कि जिला न्यायालय निर्माण का औपचारिक शिलान्यास अधिवक्ताओं द्वारा चलाई गई मुहिम की सफलता का परिणाम है। इस जीत में सभी अधिवक्ताओं का संघर्ष सराहनीय रहा है। इसके अलावा स्थानीय जन मानस के साथ ही विभिन्न राजनैतिक व गैरराजनैतिक संगठनों ने भी न्यायालय निर्माण के लिए छेड़ी गई लड़ाई में अपना अतुलनीय सहयोग प्रदान किया है। कहा कि न्यायालय निर्माण के लिए अधिवक्ताओं ने 2014 के बाद से निरंतर संघर्षरत रहे। इस दौरान विभिन्न माध्यमों से सरकार तक अधिवक्ताओं ने न्यायालय निर्माण की मांग को रखने का काम किया। इसके बाद भी सत्ता-शासन के सकारात्मक सहयोग प्रदान नहीं हुआ। बावजूद इसके अधिवक्ता अपनी मांगों पर मजबूती के साथ अड़े रहे और लम्बे समय तक चले अधिवक्ताओं के आंदोलन की बदौलत सरकार ने न्यायालय निर्माण की कवायदों को एक-एक कर पूर्ण करते हुए उसे निर्माण को वित्तीय स्वीकृत प्रदान किया। इसके बाद न्यायालय निर्माण कार्य की औपचारिक घोषणा और उसमें सीजेई समेत यूपी के मुख्य न्याायाधीश एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदि की मौजूद होना अपने आप में गौरवशाली है। उम्मीद है कि जनपद में रुके हुए विकास कार्य अब निर्वाध गति से आगे बढ़ेंगे, जिससे चंदौली जनपद जल्द ही विकसित जनपद बनेगा। इस अवसर पर धनंजय सिंह, सत्येंद्र कुमार बिंद, योगेंद्र सिंह, संजय कुशवाहा, ज्ञान प्रकाश सिंह, हिटलर सिंह, पंकज सिंह, चंद्रभूषण यादव, राम प्रकाश मौर्य, नीरज सिंह, रमाशंकर यादव आदि उपस्थित रहे।

