चंदौली। सदर कचहरी परिसर में बुधवार को एक मुवक्किल अचेत अवस्था में मिलने से अधिवक्ताओं के बीच हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार मुगलसराय थाना क्षेत्र के हरिशंकरपुर गांव निवासी बाले सिंह चौहान अचानक कचहरी परिसर में बेहोश होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद अधिवक्ता ने जब उन्हें जमीन पर अचेत हालत में देखा तो तुरंत इसकी सूचना अन्य अधिवक्ताओं को दी।
घटना की जानकारी मिलते ही कई अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता राकेश रत्न तिवारी उर्फ टोपी गुरु ने तत्काल मानवीय पहल करते हुए बेहोश पड़े बाले सिंह चौहान को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। कुछ देर की कोशिश के बाद मुवक्किल की सांसें सामान्य होने लगीं। उन्होंने पीड़ित को वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार समय पर सीपीआर मिलने के कारण उनकी जान बच गई। और स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है। घटना के बाद कचहरी परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं और लोगों ने अधिवक्ता राकेश रत्न तिवारी की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की। लोगों का कहना है कि अगर समय पर सीपीआर न दिया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। इस बाबत ईएमओ डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा मरीज को बेहोशी की हालत में लाया गया था। जिसका इलाज़ किया जा रहा है। फिलहाल मरीज की स्थिति सामान्य है।

