चंदौली। यूजीसी के नए कानून में समता कमेटी के प्रावधानों से आक्रोशित सवर्ण समाज बुधवार को सड़क पर नजर आया। बुधवार को विकास भवन के पास से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और यूजीसी के नए कानून को वापस लेने की मांग की। डीएम चंद्र मोहन गर्ग को ज्ञापन देकर अपनी मांगों से अवगत कराया। इसके बाद भाजपा कार्यालय पहुंचकर जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह से यूजीसी के विरोध में इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारे लगाए। भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह ने बताया कि लोगों की बात को संगठन के माध्यम से ऊपर तक पहुंचाया जाएगा।
दरअसल यूजीसी के नए कानून को लेकर सवर्ण समाज के लोग विकास भवन के पास एकत्र हुए और लोगों ने जुलूस के शक्ल में डीएम कार्यालय पहुंचे। डीएम चंद्रमोहन गर्ग के समक्ष लोगों ने अपनी मांगों को मजबूती से रखा और ज्ञापन देकर भाजपा कार्यालय की ओर कूच कर गए। भाजपा कार्यालय के गेट पर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सवर्णाे के साथ छल कर रही है। नए कानून से सवर्णों के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। इसके बाद लोगों ने भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ को अपनी मांगों से अवगत कराया। इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यूजीसी एक्ट शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन के खिलाफ है। यह केवल सवर्ण ही नहीं बल्कि पूरे देश के छात्रों और शिक्षण समाज संस्थानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जनमेजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा सवर्ण समाज को यूसीजी बिल परितोषित के रूप में दिया गया। जिससे हमारे बच्चों की भविष्य खराब होगी। 15 दिन के अंदर काले कानून को वापस लेने के लिए सवर्ण महापंचायत बुलाई जाएगी। और भाजपा के नेताओं से इस्तीफा मांगा जाएगा। यही उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार किया गया तो मुख्यालय पर उनका पुलता फूंका जाएगा। और इसकी लड़ाई दिल्ली तक लड़ी जाएगी।

