अधिवक्ता खालिद वकार आबिद की शिकायत पर जांच के आदेश
Young Writer:वाराणसी में दुष्कर्म के मामले में सजायाफ्ता आसाराम को पुलिस सुरक्षा में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन कराए जाने के कथित मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण को लेकर अधिवक्ता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता खालिद वकार आबिद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

खालिद वकार आबिद ने पीजी पोर्टल के जरिए मुख्यमंत्री को भेजी अपनी शिकायत में कहा है कि विभिन्न समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों के अनुसार 15 मार्च 2026 को दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध में दोषसिद्ध आसाराम वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पुलिस सुरक्षा के बीच वीआईपी व्यवस्था के साथ दर्शन करने पहुंचा। बताया गया कि उसका काफिला पुलिस सुरक्षा में मंदिर के गेट नंबर चार तक पहुंचा और उसे विशेष व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर में प्रवेश कराया गया। उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि इस मामले में पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रशासन के बयानों में विरोधाभास सामने आया है।
पुलिस का कहना है कि उनके द्वारा किसी प्रकार की वीआईपी दर्शन व्यवस्था नहीं कराई गई, जबकि मंदिर प्रशासन का दावा है कि आसाराम को पुलिस सुरक्षा में ही मंदिर परिसर में लाया गया और दर्शन कराए गए। शिकायत में कहा गया है कि इस प्रकार की स्थिति प्रशासनिक पारदर्शिता, कानून के समक्ष समानता तथा धार्मिक संस्थानों की गरिमा पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत सभी नागरिकों के लिए कानून के समक्ष समानता का सिद्धांत लागू होता है। ऐसे में किसी दोषसिद्ध व्यक्ति को विशेष सुविधा प्रदान किया जाना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
अधिवक्ता Khalid ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यह निर्धारित किया जाए कि किन अधिकारियों या कर्मचारियों की अनुमति से आसाराम को वीआईपी सुविधा के साथ मंदिर में प्रवेश और दर्शन कराया गया। यदि किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा खालिद वकार आबिद की शिकायत को पंजीकृत कर लिया गया है तथा मामले को आगे की कार्यवाही के लिए अरविंद मोहन (संयुक्त सचिव), उत्तर प्रदेश को प्रेषित कर दिया गया है।

