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Wednesday, April 17, 2024

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जम्मू के राजोरी में हसनपुर प्रधान के भाई हरिद्वार यादव शहीद

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शहीद जवान हरिद्वार यादव।

हसनपुर के फौजी हरिद्वार यादव राजौरी में शहीद
चहनियां। जम्मू-कश्मीर के राजोरी में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में हसनपुर निवासी जवान हरिद्वार यादव शहीद हो गए। वह राष्ट्रीय राइफल में जेसीओ (जूनियर कमीशंड ऑफिसर) के पद पर जम्मू कश्मीर में तैनात थे। गुरुवार को राजोरी के थानामंडी में हुए आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान उन्हें गोली लग गई। अस्पताल ले जाने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना की जानकारी के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं पैतृक गांव हसनपुर में मातम पसर गया।
बताते हैं कि शहीद हरिद्वार यादव जिले के चहनियां ब्लाक क्षेत्र के हसनपुर गांव के प्रधान राजेश यादव के बड़े भाई थे। बता दें कि राजोरी में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इसमें जेसीओ हरिद्वार यादव शहीद हो गए। बताया रहा है कि आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान राष्ट्रीय राइफल्स के जेसीओ (जूनियर कमीशंड ऑफिसर) को गोली लग गई। आनन-फानन जवान को नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उधर, सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। मारे गए आतंकी की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। इधर चंदौली स्थित जवान के घर मौत की खबर पहुंचते ही कोहराम मच गया और घरदृपरिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। फिलहाल पूरे हसनपुर गांव में गम एवं मातम का माहौल है।

हसनपुर में गम और मातम का माहौल



चहनियां। बलुआं थाना क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी राजौरी में हवलदार के पद पर सीमा की सुरक्षा में तैनात हरिद्वार यादव (45) आतंकी हमले में आज तड़के ही गोलीबारी में शहीद हो गए। उनके शहीद होने की सूचना दोपहर 12 बजे के आस पास आते ही उनके पैतृक गांव हसनपुर समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी।
जानकारी के अनुसार हसनपुर निवासी कल्पनाथ यादव के तीन पुत्रों से सबसे बड़े पुत्र हरिद्वार यादव सन् 1995 में सेना में भर्ती हुये थे पत्नी लीलावती यादव तथा पुत्र गौरव 20 वर्ष, पुत्री तमन्ना 17 वर्ष तथा कृष्णा 14 वर्ष का समाचार सुनकर रो रोकर बुरा हाल है। शहीद हरिद्वार यादव के छोटे भाई राजेश यादव इस समय हसनपुर गांव के वर्तमान में प्रधान के पद पर आसीन है। प्रधान भाई ने बताया कि जून माह में आर्मी से छुट्टी मिलने पर घर आये थे पुनः जून के अंतिम सप्ताह में ड्यूटी पर चले गए, तभी से वहां मुस्तैदी के साथ देश की सुरक्षा कर रहे थे।

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