इस देश के आर्थिक‚ सामाजिक व राजनीतिक व्यवस्था के रीढ़ हैं किसानः मनोज सिंह डब्लू

चंदौली। केंद्र सरकार द्वारा तीनों कृषि संसोधन कानून को वापस लेने की घोषणा के साथ ही देव दीपावली का पर्व उत्साह व उल्लास के साथ-साथ किसानों के लिए खुशियां लेकर आया। इस दौरान जनपद के सैयदराजा में सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू ने इसे किसानों के कड़े प्रतिकार व लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि विधेयकों को वापस लिया जाना किसानों के लम्बे संघर्ष का सकारात्मक परिणाम है। इसके बाद उन्होंने स्थानीय किसानों व क्षेत्रीय सपाइयों के साथ ही मौके को पावन बताते हुए इसे उत्सव के रूप में मनाया और एक–दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी जताई।

इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों ने एक बार यह साबित किया कि वह देश की आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि कोई उनसे छेड़छाड़ करेगा तो देश का अस्तित्व हाशिए पर आ जाएगा। आज उन तमाम शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देता हूं जिन्होंने सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई में अपना सर्वोच्च बलिदान देकर दुनिया से विदा हो गए। साथ ही दिल्ली की बार्डर पर खूंटा गाड़े सरकार से लोहा लेने वाले किसानों की वीरता को सलाम करता हूं जिन्होंने न केवल खेती-किसानी को बचा लिया, बल्कि गरीबों का निवाला, जिसे छिनने का षड्यंत्र था उसे भी विफल कर दिया। कहा कि भाजपा की सरकार जनता के समक्ष ऐसे ही नतमस्त होगी। बस जरूरत है ऐसे ही दृढ़ संकल्पित होकर अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करने की। अब वक्त है यूपी की सरकार को उसके कृत्यों का समुचित जवाब देने का। आह्वान किया कि यूपी की जनता तंगहाली‚ बेरोजगारी‚ बढ़ते अपराध व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना चाहती है तो अपने वोट से इस सरकार को चोट पहुंचाएं। अन्यथा यहां महंगाई व बेरोजगारी अपने चरम पर होगी और लोग सड़क‚ बिजली‚ पानी व शिक्षा–स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए हर दिन संघर्ष करने को विवश होंगे।