मां गंगा की भव्य आरती, दीपों से जगमग हुआ पश्चिम वाहिनी घाट

बलुआ घाट पर गंगा आरती करते गंगा सेवा समिति के बटुक।
बलुआ घाट पर गंगा आरती करते गंगा सेवा समिति के बटुक।

Young Writer, चहनियां। बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनीं गंगा तट पर नमामि गंगे अंतर्गत दो दिवसीय आजादी का अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन कार्यक्रम में रविवार की देर शाम को पूरा घाट दीपों से जगमग हो गया। रात्रि में दूसरे दिन भी भव्य गंगा आरती हुई। नुक्कड़ नाटक के पश्चात अधिकारियों ने समिति के लोगो को सम्मानित किया। देर रात तक कार्यक्रम चला।

भारत सरकार की महत्वपूर्ण कार्यक्रम नमामि गंगे के अंतर्गत आजादी के अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन कार्यक्रम जिलाधिकारी चन्दौली के निर्देश पर चल रहे दो दिवसीय कार्यक्रम बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनीं गंगा तट पर रविवार की देर शाम को पश्चिम वाहिनीं घाट दीपों से जगमग हो उठा। दीपोत्सव का उद्घाटन प्रभागीय वनाधिकारी काशी वन्य जीव प्रभाग चंदौली दिनेश सिंह ने दीप प्रज्वलित करके किया। सैकड़ों लोग, अधिकारियों व गंगा सेवा समिति के लोगो ने दीपोत्सव कार्यक्रम में भागीदारी किया। ततपश्चात समिति द्वारा मां गंगा की भव्य श्रृंगार कर एक घण्टे तक मां गंगा की महाआरती समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल के नेतृत्व में बटुकों द्वारा हुआ। हर हर गंगे के नारों से घाट गूंज उठा। नुक्कड़ नाटक के माध्यम केन्द्र व प्रदेश सरकार का उद्देश्य गंगा को निर्मल व अविरल रखने के लिए दूरदराज से आये कलाकारों विकास पाण्डेय, सपना रानी, खुशबू परिकर व अन्य कलाकारों द्वारों नाटक के माध्यम से जागरूक किया गया। कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष ऐसे कार्यक्रमो का आयोजन होता है जिसका उद्देशय आम जनमानस में गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक करना है। हमारे दैनिक जीवन मे जल का बहुमूल्य योगदान है । जल ही जीवन है । माँ गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प हर लोगो को लेना होगा। गोष्ठी में समिति के अंकित जायसवाल, राजेश साहनी, विशाल मोदनवाल, मोनू साहनी, मुकेश साहनी, जुगनू पासवान, बृजेश साहनी, नीरज कुमार, प्रिंस निषाद, अजय साहनी आदि को अधिकारियों ने सम्मानित किया। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी नित्यानन्द पाण्डेय, दरोगा राजेन्द्र सोनकर, संजीव कुमार, अभिषेक यादव, जितेंद्र सिंह, राजेश सोनकर, सतीश साहनी, राज कुमार, कन्हैया सेठ, धीरज मोदनवाल, रिंकू यादव, श्याम आदि लोग उपस्थित थे।