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Sunday, April 5, 2026

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Young Writer : 15 अक्टूबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

यंग राइटर

1686 – मुग़ल शासक औरंगजेब ने बीजापुर के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये।
1806 – प्रास और फ्रांस की सेनाओं के मध्य लड़ाई आरंभ हुई। इससे एक दिन पहले नेपोलियन ने छह दिवसीय युद्ध में प्रॉस की सेना को पराजित किया था।
1815 – नेपोलियन बोनापार्ट हार के बाद निर्वासित जीवन व्यतीत करने सेंट हेलेना द्वीप पहुंचे। इस पंचांग को सीधे हमसे प्राप्त करने एवं विविध तथा शैक्षणिक खबरों के लिए “हरियाणा एजुकेशनल अपडेट” फेसबुक पेज ज्वाइन करें।
1866 – कनाडा स्थित फ्रेंच बहुल क्षेत्र क्यूबेक में जबरदस्त आग लगने से 2500 मकान जलकर खाक हुए।
1894 – अलफ्रेड ड्राइफ़स पर पेरिस में मुक़द्दमा आरंभ हुआ। वह यहूदी मूल का फ्रांसीसी अफ़सर था जिस पर चलाया जाने वाला मुक़द्दमा 19वीं शताब्दी में फ्रांस की बहुचर्चित घटना बन गयी।
1917 – प्रथम विश्व युद्ध के दौरान नीदरलैंड की प्रसिद्ध नृत्यांगना माता हारी को जर्मनी के लिए जासूसी करने के आरोप में फ्रांसीसी सैनिकों ने गोली मारी।
1923 – वर्ष का पांचवा उष्णकटिबंधीय तूफ़ान लीवर्ड द्वीप के उत्तर में आया।
1924 – अमेरिकी राष्ट्रपति काल्विन कूलीड्ज ने स्टेच्यु ऑफ लिबर्टी को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया।
1932 – टाटा कंपनी ने टाटा सन्स लिमिटेड नामक देश की पहली एयरलाइन की शुरुआत की।भारत सरकार द्वारा अधिग्रहण के बाद यही कंपनी एयर इंडिया कहलाई।
1935 – टाटा एयरलाइन (जो कालांतर में एयर इंडिया बन गया) की पहली उड़ान।
1949 – त्रिपुरा राज्य को भारत में सम्मिलित किया गया।
1951 – मिस्त्र की संसद ने स्वेज नहर समझौते को रद्द करने के फैसले पर मुहर लगाई।
1958 – अफ्रीकी देश ट्यूनीशिया ने मिस्र के साथ राजनयिक संबंध समाप्त किए।
1964 – सोवियत संघ के नेता निकिता खुर्श्चेव की सेवानिवृति ने पूरे विश्व को चौंका दिया।
1970 – अनवर सदत मिस्त्र के राष्ट्रपति चुने गए।
1978 – सोवियत संघ ने पूर्वी कजाखस्तान क्षेत्र में परमाणु परीक्षण किया।
1988 – उज्वला पाटिल समुद्र के रास्ते विश्व का चक्कर लगाने वाली पहली एशियाई महिला बनी।
1990 – सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया।
1990 – सोवियत संघ के राष्ट्रपति प्रतिबंध संधि की पुष्टि करने वाला प्रथम देश बना।
1996 – फिजी व्यापक परीक्षण प्रतिबंध संधि की पुष्टि करने वाला प्रथम देश बना।
1997 – अरुंधति राय को उनके उपन्यास ‘द गॉड आफ़ स्माल थिंग्स’ के लिए ब्रिटेन के सबसे प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार के लिए चुना गया।
1998 – ग़रीबी उन्मूलन के लिए भारत की फ़ातिमा बी को संयुक्त राष्ट्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
1999 – चीन ने 12 हज़ार किलोमीटर तक मार करने वाले ‘डी.एफ़.-41 आईसीबीएम’ नामक प्रक्षेपास्त्र का सफल परीक्षण किया ।
1999 – जनरल जोसेफ़ रॉलस्टन नाटो के सर्वोच्च वाइस कमांडर नियुक्त।
2006 – संयुक्त राष्ट्र संघ ने उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाया।
2007 – वर्ष 2007 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के तीन अर्थशास्त्रियों- लियोनिड हरविक्ज, इरिक मस्किन और रोजर मायरसन को प्रदान किया गया।
2008 – रिजर्व बैंक ने सीआरआर में एक फ़ीसदी की कटौती की घोषणा की।
2008 – अरविन्द अदिग को उनकी पुस्तक ‘द हाइट टाइगर’ के लिए वर्ष 2008 का बुकर पुरस्कार प्रदान किया गया।
2012 – ब्रिटिश लेखिका हिलेरी मेंटल को उनके उपन्यास “ब्रिंग अप द बडीज़” के लिए मैन बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
2013 – एअर इंडिया टैक्सीबोट से विमान को रनवे तक ले जाने वाली दुनिया की पहली एयल लाइन बनी।
2013 – फिलीपीन्स में 7.2 की तीव्रता वाले भूकंप से 215 से अधिक लोगों की मौत।
2019 – काईस सैयद को ट्यूनीशिया का नया राष्ट्रपति चुना गया ।
2019 – फेसबुक ने ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी तौर पर प्रशिक्षित करने के लिए भारत सरकार की मदद से डिजिटल बेटी अभियान शुरू किया।
2020 – भारत को जीएलपी पर ओईसीडी वर्किंग ग्रुप का वाइस-चेयरमैन नामित किया गया।
2021 – अफगानिस्‍तान के कंधार मस्जिद में नमाज के दौरान हुए विस्‍फोट में 37 लोग मारे गये व 70 घायल हुए।
2021 – नई दिल्ली में ‘विजयादशमी’ के अवसर पर रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) की सात नई रक्षा कंपनियों को राष्ट्र को समर्पित किया गया।
2022 – भारतीय सेना ने अग्निवीर वेतन पैकेज के लिए देश के ग्यारह बैंकों के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
2022 – प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद समिति की बैठक की अध्यक्षता की।

15 अक्टूबर को जन्मे व्यक्ति

1542 – मुग़ल सम्राट अकबर का जन्म हुआ। उनका पूरा नाम अबुल फ़त्ह जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर था।
1914 – मनुभाई पाँचोली सरस्वती सम्मान से सम्मानित गुजराती भाषा के साहित्यकार।
1914 – मोहम्मद ज़ाहिर शाह अफ़ग़ानिस्तान के अंतिम राजा थे।
1920 – प्रसिद्ध उपन्यास द गॉडफादर के रचयिता मारियो ग्येनल्यूगी पूजो का जन्म हुआ।
1922 – शंकर- प्रसिद्ध संगीतकार (शंकर जयकिशन)।
1925 – हीरा लाल देवपुरा – राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री।
1931 – मिशाइल मेन , भारत के 11वें राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ।
1932 – कटीकल शंकरनारायणन महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल।
1936 – मदन लाल खुराना – दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ।
1946 – विक्टर बैनर्जी हिन्दी एवं बांगला सिनेमा के अभिनेता ।
1947 – मदन सिंह चौहान (गुरुजी) रायपुर , छत्तीसगढ़ , भारत के एक लोक और सूफी गायक(पद्म श्री सम्मान्नित)।
1952 – रमन सिंह- प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ एवं छत्तीसगढ़ के दूसरे मुख्यमंत्री।
1957 – मुख़्तार अब्बास नक़वी भारत के एक प्रसिद्ध राजनेता।
1957 – मीरा नायर, भारतीय निर्देशक।
1957 – महेन्द्र नाथ पाण्डेय भारत की सोलहवीं लोकसभा के सांसद (1948 का भी वर्णन)।

15 अक्टूबर को हुए निधन

1595 – फ़ैज़ी – मध्यकालीन भारत का एक विद्वान् साहित्यकार और फ़ारसी का प्रसिद्ध कवि था।
1961 – सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला, एक कवि, उपन्यासकार, निबन्धकार और कहानीकार।
1975 – देवी प्रसाद राय चौधरी- पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध चित्रकार एवं मूर्तिकार।
1990 – ओम शिवपुरी हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता थे।
1999 – दुर्गा भाभी – भारत के स्वतंत्रता संग्राम में क्रान्तिकारियों की प्रमुख सहयोगी थीं।
2012 – नोरोदम शिनौक – कंबोडिया के राजा थे।
2020 – देश की पहली ऑस्कर विजेता भानु अथैया का निधन।
2020 – वरिष्ट क्रिकेट पत्रकार और कमेंटेटर किशोर भिमानी का निधन।
2020 – मलयालम के प्रसिद्ध कवि और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता अक्कीतम अच्युतन नंबूदिरी का निधन।
2021 – जागरण समूह के चेयरमैन योगेन्द्र मोहन गुप्ता (83) का निधन हुआ।
2021 – एवी बरोट भारतीय प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर थे।
2022 – विश्व प्रसिद्ध जादूगर ओपी शर्मा का 71 साल की अवस्था में (रात को) निधन हुआ।

15 अक्टूबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

🔅 महाराजा अग्रसेन जयन्ती (5147 वीं , नवरात्रि का प्रथम दिवस )।
🔅 श्री नमिनाथ भगवान ज्ञान कल्याणक (जैन , आश्विन शुक्ल प्रतिपदा )।
🔅 श्री हीरा लाल देवपुरा जयन्ती।
🔅 श्री मदन लाल खुराना जयन्ती।
🔅 श्री रमन सिंह जन्म दिवस।
🔅 विश्व छात्र दिवस (डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयन्ती )।
🔅 गर्भावस्था और शिशु हानि स्मरण दिवस।
🔅 विश्व ग्रामीण महिला दिवस।
🔅 विश्व सफेद छडी / गन्ना सुरक्षा दिवस (White Cane Safety Day)।
🔅 विश्व हस्त प्रक्षालन दिवस (Global Handwashing Day)।

Chandauli: वित्तीय अनियमितता व शिक्षण कार्य में लापरवाही पर नपे तीन शिक्षक,बीएसए की इस कार्रवाई से शिक्षकों में मचा हड़कम्प


चंदौली। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने वित्तीय अनियमितता और शिक्षण कार्यों में लापरवाही बरतने पर सोमवार को चकिया विकास खंड के भटवारा व उतरौत में तैनात तीन शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन अवधि में संबंधित शिक्षक सकलडीहा और नियामताबाद बीआरसी से सम्बद्ध रहेंगे। इस मामले की जांच के लिए खंड शिक्षाधिकारी सकलडीहा व नियमाताबाद को नामित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। बीएसए की इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कम्प मचा रहा।
उक्त कार्यवाही के बाबत जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि चकिया विकास खंड के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय भटवारा खुर्द में तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक रामविलास पर वित्तीय अनियमितता का आरोप है। प्रभारी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कम्पोजिट ग्रांट की धनराशि का निजी कार्य में उपयोग करने, एक सितंबर से 10 अक्टूबर तक विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बनवाने, उपस्थिति पंजिका पर सफेदा लगाकर हस्ताक्षर करने पर सहयोग प्रदान करने, खाद्यान्न एवं कन्वर्जन की धनराशि का वितरित नहीं करने के साथ ही समय से विद्यालय का संचालन नहीं करने और अनुशासनहीनता की शिकायत की गई है। वहीं सहायक अध्यापक जैनेंद्र कुमार के विरुद्ध पठन-पाठन में रूचि नहीं लेने, उपस्थिति रजिस्टर में सफेदा लगाकर हस्ताक्षर बनाने, शिक्षका माहौल खराब करने के साथ अन्य आरोप है। इसी तरह कम्पोजिट विद्यालय उतरौत में तैनात सहायक अध्यापक संतोष गौड पर शिक्षकों और शिक्षिकाओं के साथ दुर्व्यवहार करने के साथ ही शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने की शिकायत की गई है। इससे तीनों शिक्षकों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सकलडीहा और नियामताबाद बीआरसी से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं सकलडीहा खंड शिक्षाधिकारी अवधेश कुमार राय और नियामताबाद के बीईओ मनोज कुमार यादव को जांच अधिकारी नामित किया गया है। साथ ही जांच जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

रामजी ‘भैरव’ की रचनाः महिमा चुगलखोरी की

रामजी प्रसाद भैरव
रामजी प्रसाद भैरव

Young Writer, साहित्य पटल। रामजी प्रसाद “भैरव” की रचना

चुगलखोरी सीखने की चीज नहीं है । वह नैसर्गिक प्रतिभा है। जिसे अन्य प्रतिभावान की तरह ही उन्हें भी, प्रतिभा सम्पन्न कहकर उद्बोधित किया जा सकता है । जैसे महान गायक, महान लेखक, महान कवि, महान चित्रकार, महान कलाकार, उसी प्रकार विशष्ट गुणों से आच्छादित व्यक्ति को महान चुगलखोर कहकर संबोधित किया जाना न्याय संगत होगा । यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को सम्मान नहीं देते तो उसकी प्रतिभा की अनदेखी करते हैं ।उसके साथ अन्याय करते हैं ।इसके लिए समय आप को कभी माफ नहीं करेगा ।

चुगलखोर हर कोई ऐरा गैरा नहीं नहीं हो सकता । यह जन्मजात गुण है । रक्त में पाए जाने वाले कुछ गुण व्यक्ति को अच्छा चुगलखोर बना सकते हैं । इसके लिए शैक्षिक डिग्री की आवश्यकता नहीं होती । यह बाज़ार में बिकने वाली कोई शै भी नहीं है । जो पैसा देकर खरीद लिया । चुगलखोरी की प्रतिभा निखारने के लिए एड़ी चोटी एक करनी पड़ती है । तब कहीं जाकर व्यक्ति समाज में चुगलखोर का दर्जा पाता है । इसके लिए सालों फुसफुसाहट की भाषा बोलने का अभ्यास जरूरी है । यह हर कोई नहीं कर सकता, इसके लिए लोमड़ी सी चालाकी आवश्यक है । अगर कोई चुगलखोर किसी बात को साफ़ साफ़ कह दिया तो काहे का चुगलखोर, उसके लिए बिना बात की बात तैयार करने का गुण होना आवश्यक है । उसके लिए अपनी ईजाद की हुई भाषा और शब्दावली तैयार करनी पड़ती है । चुगलखोर को लोमड़ी सी चालाकी और कौवे सी चेष्टा रखनी पड़ती है । अच्छे चुगलखोर को चाहिए कि जिसकी चुगलखोरी करनी है , उस पर विशेष ध्यान दे । उसे कनखियों से बार बार अवलोकन करता रहे । चुलगखोर को हल्का स्पर्श और बात बात में हाथ दबाने की कला आनी चाहिए । चुगलखोर को अपनी बात ऐसे कहनी चाहिए जैसे एकदम सत्य बात हो । इसके लिए बात का सत्य होना जरूरी नहीं । बस चुगलखोरी का कड़ा अभ्यास जरूरी है । इस काम के लिए चुगलखोर को समाज का सबसे सज्जन व्यक्ति ढूंढ़ना चाहिए । खतरा कम रहता है । सज्जन व्यक्ति बिना मुँह का होता है । उसे बुरा भी लगता है तो भी वह प्रायः चुप रहता है । वह कुछ नहीं कहता , वह कुढ़ता है तिलमिलाता है, छटपटाता है , पर जाहिर नहीं होने देता । हाँ , अभ्यास हो जाने पर चुगलखोर किसी पर भी नुख्से आजमा सकता है । चुगलखोरी करने वाले व्यक्ति को विशेष रूप से इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि जिससे चुगलखोरी की जा रही है , वह कान का कच्चा हो । इससे बात बनते देर नहीं लगती । कान का कच्चा आदमी बात की पड़ताल नहीं करता,झट विश्वास कर लेता है । चुगलखोर की वास्तविक सफलता यह कि वह फूट डालने में सफल हो जाय । यहाँ तक पति पत्नी में भेद पैदा कर सके तो बड़ी सफलता मानी जायेगी । चुगलखोरी को प्रवृत्ति बना लेना , विशेषज्ञता का द्योतक है ।

चुगलखोरी का सुख धामिक पूण्य कमाने के बराबर है । चुगलखोर को आत्मविश्वास से लबरेज रहना चाहिए । यदि बात फूट जाय, और नौबत पूछा पुछववल की आ जाय तो भी आत्मविश्वास रूपी हथियार का प्रयोग कर आगे बढ़ जाना चाहिए । चुगलखोर को थोड़ा बेहया और निर्लज्ज होना आवश्यक है । यदि बात बिगड़ जाय और जान पर बन आये तो हँस कर टाल देने में कोई हर्ज नहीं, यह हुनर में आता है ।

चुगलखोरी में कमजोर आत्मविश्वास वाले व्यक्ति को हाथ नहीं आजमाना चाहिए । खतरा बहुत होता है । लेने के देने पड़ सकते हैं । चुगलखोर को हमेशा सावधान रहना चाहिए, सावधानी हटी, दुर्घटना घटी । चुगलखोर को अपना पक्ष कमजोर होता देख , अपनी मेधा का परिचय देना चाहिए, उसे तुरंत बातों का रद्दा लगाना शुरू कर देना चाहिए । उसे यह नहीं सोचना चाहिए कि इमारत कितनी बुलन्द होती जा रही है । मित्रों ! अब आप समझ गए होगें कि चुगलखोर क्या चीज होते हैं । वास्तव में चुगलखोरों ने हर युग , हर काल में बड़े बड़े काम किये हैं । यदि मैं सब लिखने बैठूं तो शायद सम्भव न हो पाए , इनके कलाबाजी और पुरुषार्थ के आगे बड़े बड़े पानी भरते हैं । चुगलखोरी को हमेशा निंदा की दृष्टि से देखा जाता रहा है , उसके निष्काम भाव सेवा को नहीं । मनुष्य के इस अज्ञानता पर मुझे रोना आता है , इससे अधिक मैं क्या कहूँ ।

यह जरूरी नहीं कि चुगलखोरी कोई टुटपुजियाँ या बेकार आदमी ही करे। यह काम पढ़ा लिखा उच्च शिक्षा प्राप्त व्यक्ति भी कर सकता है । बशर्ते वह इस कला का माहिर खिलाड़ी हो । एक मजा हुआ चुगलखोर , अपने पद का फायदा उठाते हुए, यह काम और भी सफलता से कर सकता है । एक बात और समझ में आ रही है कि चुगलखोरी पर अकेले पुरुष वर्चश्व नहीं होना चाहिए, यह काम स्त्री भी बखूबी कर सकती है । क्यों कि उनमें कानाफूसी की परंपरा पुरानी है ।
एक बात मुझे और समझ में नहीं आती कि इतिहासकारों से यह चुगलखोर प्रजाति कैसे बची रह गयी । सदियों से चुगलखोरी का काम हो रहा है, इतने बड़े बड़े किस्से और कहानियां हैं , क्या यह इतिहास में जगह पाने योग्य नहीं हैं। यह बड़े ही अफ़सोस का विषय है। भारत के पूर्ववर्ती राजाओं ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया । और ना ही आज की सरकारों ने कोई ठोस कदम उठाए। अरे भई , प्रजातन्त्र में सबको अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए । आखिर इतने बड़े वर्ग की इतनी उपेक्षा क्यों। इन्हें राजकीय संरक्षण और राष्ट्र गौरव का सम्मान मिलना चाहिए । वर्ष में एक बार इस क्षेत्र के महारथियों को भारत रत्न से विभूषित किया जाना चाहिए। पता नहीं दुनियां के अन्य देशों में इनकी प्रजाति पाई जाती होगी या नहीं, लेकिन भारत में अकेले बुते इतनी बड़ी फौज खड़ी करना मामूली बात भी नहीं है। मैं चुगलखोरों और उनकी भावी पीढ़ी को हृदय तल से प्रणाम करते हुए , इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।

जीवन परिचय-
 रामजी प्रसाद " भैरव "
 जन्म -02 जुलाई 1976 
 ग्राम- खण्डवारी, पोस्ट - चहनियाँ
 जिला - चन्दौली (उत्तर प्रदेश )
मोबाइल नंबर- 9415979773
प्रथम उपन्यास "रक्तबीज के वंशज" को उ.प्र. हिंदी  संस्थान लखनऊ से प्रेमचन्द पुरस्कार । 
अन्य प्रकाशित उपन्यासों में "शबरी, शिखण्डी की आत्मकथा, सुनो आनन्द, पुरन्दर" है । 
 कविता संग्रह - चुप हो जाओ कबीर
 व्यंग्य संग्रह - रुद्धान्त
सम्पादन- नवरंग (वार्षिक पत्रिका)
             गिरगिट की आँखें (व्यंग्य संग्रह)
देश की  विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन      
ईमेल- ramjibhairav.fciit@gmail.com

Durga Pooja : पंडालों में आग से बचाव के लिए करे पुख्ता इंतजाम

Durga Pooja : पंडालों में आग से बचाव के लिए करे पुख्ता इंतजाम

Chandauli News : जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे एवं पुलिस अधीक्षक डा. अनिल कुमार की अध्यक्षता में आगामी दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली, छठ आदि त्योहारों के दृष्टिगत पुलिस लाइन सभागार में बैठक हुई। इसमें त्योहारों पर सुरक्षा, शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई। साथ ही सौहार्द एवं शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने के लिए शासन से जारी निर्देशों का पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक पंडाल, कार्यक्रम स्थल पर कमेटी के सदस्य यह सुनिश्चित करें कि पंडाल वाटरप्रूफ बनाया जाए। आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाए जाएं। अराजकतत्वों की सूचना पुलिस को देने व किसी भी अफवाहों पर विश्वास न करने की नसीहत दी गई। साथ ही सभी को सोशल मीड़िया दुरूपयोग के संबंध में भी सचेत व जागरूक किया। कहा कि भ्रामक व असत्य संदेशों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें। इस तरह के किसी भी प्रकार के संदेश व वीडियो आदि भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित न करें। कहा कि प्लास्टिक का प्रयोग न करें। जल्द ही इसके विरुद्ध अभियान चलेगा। विसर्जन स्थल पर आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, साफ-सफाई समय से कर लिया जाए। डीजे साउंड पर अश्लील गाने नहीं बजने पाए। डीएम ने फूड सेफ्टी की जांच रैंडम किए जाने के निर्देश अपर जिलाधिकारी और सभी उप जिलाधिकारियों को दिया। कहा कि सभी पंडालों में अग्निशमन फायर सिस्टम अवश्य रखा जाए। नदी में प्रतिमा को विसर्जित न किया जाए। तालाबों एवं नहरों में विसर्जित किया जाए। शांति सौहार्द को बिगाड़ना वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। यदि किसी को ऐसा करते पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। दुर्गा-पूजा के पंडाल सड़कों पर न बनाएं, दुर्गा-पूजा के मेलों में अधिक संख्या में भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर चौन स्नेचिंग न होने पाए। इसके लिए पुलिस बल भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर लगातार गश्त करेगी। भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर पूजा समिति दो पहिया व चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था जरूर कराए। पूजा पंडालों में कहीं भी अश्लील गाने नहीं बजेंगे। प्रतिमाओं की नियत साइज में स्थापना किया जाए। किसी नये परम्परा को शुरू न किया जाए।

Chandauli: औरवाटांड कुंड में डूबा युवक सैलानियों में मचा हड़कंप, रेस्क्यू जारी


चंदौली। नौगढ़ थाना क्षेत्र के औरवाटांड कुंड में एक युवक के डूब जाने से हड़कंप मच गया।घटना से सैलानियों में हड़कंप मच गया। आस पास के लोगो ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को घटनास्थल पर पहुची पुलिस गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू जारी कर दिया है।

बताते हैं कि सोनभद्र जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले कुछ युवक नौगढ़ के औरवाटांड बांध पहुँचे थे इस दौरान एक युवक अमन 20 वर्ष नहाते वक्त पैर फिसलने से गहरे पानी के कुंड में चला गया। उसे डूबता देख साथियों ने शोर गुल मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास खड़े लोग मौके पर पहुँचे और उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन पानी अधिक होने के कारण सफलता हाथ नही लगी। घटना के बाद वहां मौजूद अन्य सैलानियों में हड़कंप मच गया। लोगों ने घटना की जानकारी नौगढ़ पुलिस को दी मौके पर पहुँची पुलिस ने गोताखोरों की मदद युवक की तलाश की लेकिन कहीं पता नहीं चल सका जिसके बाद इंजन लगाकर पानी को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि अंधेरे के चलते रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है इस बाबत थाना प्रभारी अतुल कुमार ने बताया कि युवक अपने मित्रों के साथ पिकनिक मनाने आया हुआ था, नहाने के दौरान पैर फिसलने से वह गहरे कुंड में चला गया गया पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू चला रही है।

पूजा पंडालों में आग से बचाव के लिए करे पुख्ता इंतजाम: जिलाधिकारी


चंदौली। जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे एवं पुलिस अधीक्षक डा. अनिल कुमार की अध्यक्षता में आगामी दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली, छठ आदि त्योहारों के दृष्टिगत पुलिस लाइन सभागार में बैठक हुई। इसमें त्योहारों पर सुरक्षा, शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई। साथ ही सौहार्द एवं शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने के लिए शासन से जारी निर्देशों का पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक पंडाल, कार्यक्रम स्थल पर कमेटी के सदस्य यह सुनिश्चित करें कि पंडाल वाटरप्रूफ बनाया जाए। आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाए जाएं। अराजकतत्वों की सूचना पुलिस को देने व किसी भी अफवाहों पर विश्वास न करने की नसीहत दी गई। साथ ही सभी को सोशल मीड़िया दुरूपयोग के संबंध में भी सचेत व जागरूक किया। कहा कि भ्रामक व असत्य संदेशों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें। इस तरह के किसी भी प्रकार के संदेश व वीडियो आदि भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित न करें। कहा कि प्लास्टिक का प्रयोग न करें। जल्द ही इसके विरुद्ध अभियान चलेगा। विसर्जन स्थल पर आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, साफ-सफाई समय से कर लिया जाए। डीजे साउंड पर अश्लील गाने नहीं बजने पाए। डीएम ने फूड सेफ्टी की जांच रैंडम किए जाने के निर्देश अपर जिलाधिकारी और सभी उप जिलाधिकारियों को दिया। कहा कि सभी पंडालों में अग्निशमन फायर सिस्टम अवश्य रखा जाए। नदी में प्रतिमा को विसर्जित न किया जाए। तालाबों एवं नहरों में विसर्जित किया जाए। शांति सौहार्द को बिगाड़ना वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। यदि किसी को ऐसा करते पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। दुर्गा-पूजा के पंडाल सड़कों पर न बनाएं, दुर्गा-पूजा के मेलों में अधिक संख्या में भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर चौन स्नेचिंग न होने पाए। इसके लिए पुलिस बल भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर लगातार गश्त करेगी। भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर पूजा समिति दो पहिया व चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था जरूर कराए। पूजा पंडालों में कहीं भी अश्लील गाने नहीं बजेंगे। प्रतिमाओं की नियत साइज में स्थापना किया जाए। किसी नये परम्परा को शुरू न किया जाए।

शरदीय नवरात्र: मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़,घंट घड़ियालों व माँ की जयकारों से गुंजायमान हो उठे नगर के मंदिर


चंदौली। शरदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को नगर के प्रसिद्ध मंदिरों में माता रानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने विधि-विधान से मां दुर्गा का पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। साथ ही लोगों ने घरों और मंदिरों में कलश स्थापना की। मंदिर माता रानी के जयकारों से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवती से सुख समृद्धि की कामना भी की।
नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही घर-घर में मां की पूजा के लिए तैयारियां शुरू हो गई। भक्तों ने अपने घरों में पहले साफ सफाई कर मंदिरों को रंग बिरंगे फूलों और लाइटों से सजाया। पूजन सामग्री खरीदने के लिए बाजार में भी सुबह से ही रौनक होने लगी।

घरों में भक्तों ने पूजन स्थल के पास मिट्टी आदि से वेदी बनाई। मां की मूर्ति को चौकी पर विराजमान कर उनका भव्य श्रृंगार किया। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराया। कलश स्थापित कर दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। और विधि विधान से माता रानी का पूजन किया। घरों से लेकर मंदिरों में मां के जयकारे गूंजते रहे। नगर के प्रमुख काली मंदिर महावीर मंदिर, शिव मठ मंदिर फुटियां गांव के काली मंदिर में ग्रामीण अंचलों के लोगों ने माता के मंदिर में माथा टेका। परिवार की सुख शांति के लिए कामना की मंदिर में पूजा करने के लिए दिनभर भक्तो का तांता लगा रहा। वही भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिरों के बाहर पुलिस बल भी तैनात रही।

विवाद व समस्याओं का समाधान करेगी दारुल कजा कमेटी

इलिया में मदरसा इम्दादुल ओलूम में बैठक करते दारुल कजा कमेटी के लोग।
इलिया में मदरसा इम्दादुल ओलूम में बैठक करते दारुल कजा कमेटी के लोग।

इलिया में बानगी सरई पंचायत नाम से दारुल कजा कमेटी गठित

Chandauli News: इलिया में मरकजी मदरसा इम्दादुल ओलूम की बैठक शनिवार को संपन्न हुई। जिसमें दारुल कजा कमेटी का गठन किए जाने पर चर्चा तथा उससे होने वाले लाभ के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। इस मौके पर तय हुआ कि चंदौली जिले में बानगी सरई पंचायत नाम से दारुल कजा कायम किया जाएगा। मुख्य अतिथि काजी तबरेज दारुल कजा कमेटी के आर्गेनाइजर व बानगी क्लब अध्यक्ष शाहिना परवीन खान मौजूद रहीं।
वक्ताओं ने कहा कि दारूल कजा एक सरई पंचायत है। जिसके गठन से छोटे-मोटे घरेलू विवादों, सामाजिक समस्याओं का समाधान पंचायत के माध्यम से किया जा सकेगा, जिससे गरीबों, मजलूमों की समस्याओं का समाधान भी दारूल कजा कमेटी द्वारा किया जा सकेगा। ऐसे लोगों को अदालतों का चक्कर काटने का समय और उसमें होने वाले खर्चे से छुटकारा मिल पाएगा। इसके अलावा गरीबों, मजलूमों की बेटियों का हक वरासत भी तय किया जा सकेगा। सरई पंचायत के गठन से जिले के महिलाओं, बच्चों एवं मजलूमों की मदद की जा सकेगी। वक्ताओं ने कहा कि पारिवारिक विवादों में पंचायत द्वारा दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद निर्णय लिया जाएगा पंचायत के दौरान जो भी फैसले होंगे वह लिखित होंगे जो दोनों पक्षों को मान्य होगा। इस अवसर पर बानगी क्लब के अध्यक्ष सहीना परवीन, तबरेज आलम, मोहम्मद सेराज, हाजी एकलाख खान, पूर्व ग्राम प्रधान विनोद सिंह, शफीक खान, हाफिज इमरान, हाजी इकबाल खां, डॉ.कुद्दूस, इम्तियाज़ खां, डॉ जकारिया, महमूद आलम, इमामुद्दीन, सद्दाम खान, इमरान खान, भुलई सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

तार नहीं जोड़ने पर विद्युत संविदा कर्मी संग की मारपीट


नौगढ। थाना क्षेत्र के चमेरबांध गांव में अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वालो का काटे गए तार को न जोड़े जाने पर मनबढ़ों ने विद्युत संविदा कर्मी रामप्रकाश निवासी उदितपुर सुर्रा गांव स्थित घर पर शुक्रवार की रात पहुंच कर मारपीट व गाली-गलौज किया। बीच बचाव करने के लिए आए संविदा कर्मी के मां बाप को भी मनबढो ने धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया।
जिसकी जानकारी पाकर विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष देवेश यादव के नेतृत्व में संविदा कर्मियों ने नौगढ थाने में पहुंच कर प्रार्थना पत्र देकर के न्याय की गुहार लगाया।
बताते हैं कि चमेरबांध गांव निवासी जोखू व लालसाहब काफी दिनों से अवैध रूप से बिजली के खंभे से तार खींच कर बिजली का उपयोग कर रहे थे। दो दिनों पूर्व गांव में बिजली विभाग की टीम पहुंच कर डिस्कनेक्शन व अवैध तार को काटी थी। काटे गए बिजली के तार को जोड़ने के लिए जोखू व लालसाहब समीपवर्ती गांव उदितपुर सुर्रा के निवासी रामप्रकाश पर काफी दबाव बना रहे थे। तार नहीं जोड़े जाने से क्षुब्ध जोखू व लालसाहब ने शुक्रवार को देर रात रामप्रकाश के घर पहुंच कर भद्दी भद्दी गालियां देकर मारा पीटा। थानाध्यक्ष अतुल प्रजापति ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपों की जांच कराकर के दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

New Delhi: झन्मेजय सिंह ने चंदौली की आवाज को पीएमओ पहुंचाया

New Delhi में चंदौली की मांगों को लेकर पीएमओ जाते अधिवक्ता झन्मेजय सिंह।
New Delhi में चंदौली की मांगों को लेकर पीएमओ जाते अधिवक्ता झन्मेजय सिंह।

झन्मेजय सिंह बोले, चंदौली को न्याय दिलाने के लिए अंतिम दम पर लड़ी जाएगी लड़ाई
New Delhi : जिला एवं न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति चंदौली के अध्यक्ष जन्मेजय सिंह ने शनिवार को जिला न्यायालय निर्माण एवं जनपद को न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचकर पत्रक दिया। पीएमओ में प्रधानमंत्री के सचिव ने पत्रक लेकर प्राप्त किया और आश्वासन दिया कि आपका यह प्रयास व्यर्थ नहीं जाएगा। चंदौली को न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय हर संभव प्रयास करेगा और प्रधानमंत्री तक आपकी बात को पहुंचा जाएगा।

इस दौरान जिला एवं न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष जन्मेजय सिंह ने कहा कि अपनी मिट्टी और अपने लोगों के लिए मैं अंतिम सांस तक लड़ता रहूंगा। किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकूंगा। अधिवक्ताओं के आंदोलन और चंदौली की आवाज को जबरदस्ती दबाने का जो प्रयास किया गया, लेकिन शायद ऐसा करते वाले भूल गए कि हम शहीदी धरती के लोग हैं।

उन्होंने कहा कि कतिपय लोग, चंदौली की आवाज को उठाने का काम करने वाले आंदोलनकारियों को अपनी बातों व धमकियों से डराने का प्रयास कर रहे हैं। कहा कि चंदौली में जिला न्यायालय निर्माण व चंदौली के विकास होने तक अधिवक्ता अपना आंदोलन जारी रखेंगे। किसी कीमत पर आंदोलन को नहीं रोका जाएगा। कहा कि आज पूरी मजबूती के साथ पीएमओ पहुंचकर चंदौली जनपद की समस्याओं को पत्रक के जरिए पहुंचाने का काम किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही प्रकरण को प्रधानमंत्री संज्ञान में लेंगे और चंदौली के विकास को पंख लगेगा।

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