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Tuesday, April 7, 2026

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Naugarh: बांध टूटने की अफवाह के बाद सुरक्षित स्थान से घर लौटे बाघी के ग्रामीण

नौगढ़ के मंदिर परिसर में शरण लिए ग्रामीणों से रूबरू चकिया विधायक कैलाश खरवार।
नौगढ़ के मंदिर परिसर में शरण लिए ग्रामीणों से रूबरू चकिया विधायक कैलाश खरवार।

बांध टूटने की अफवाह के बाद बाद दुर्गा मंदिर में ग्रामीणों ने ली थी शरण

Chandauli News : नौगढ़। अनवरत तीन दिनों तक हुई बरसात में जनपद सोनभद्र के नगवां बांध को दो दिनों पूर्व टूटने की अफवाह फैल गयी। स्थानीय थाना पुलिस की पहल से ग्राम पंचायत बाघीं के कर्मनाशा नदी के तटवर्ती ईलाके में झूग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे करीब 250 की संख्या में मुसहर जाति के लोगों को सुरक्षित स्थान कस्बा बाजार के (दुर्गा मंदिर परिसर) मे भेजवाया गया था। बरसात बंद होने की संभावना व नगवां बांध को किसी प्रकार का खतरा नहीं होने की पुष्टि होने पर गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य व भाजपा जिलाध्यक्ष काशी नाथ सिंह ने मुसहर जाति के लोगों से मिलकर उन्हें घर जाने को कहा। विधायक ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी बस्ती में जाकर गरीबों की समस्याओं की जानकारी हासिल करके निराकरण कराएंगे।

विदित हो कि मंगलवार को रात्रि में ही जनपद सोनभद्र के नगवां बांध में दरार आ जाने से टूटने की संभावना की खबर क्षेत्र में फैलने के बाद थाना पुलिस के निर्देश पर कर्मनाशा नदी के कहुअवा घाट व बूड़नवां घाट के किनारे झूग्गी झोपड़ी लगाकर रहन बसर करने वाले मुसहर जाति के लोगों को कस्बा बाजार से सटे दुर्गा मंदिर परिसर में भेजा गया था। जिन्हें बुधवार को दिनभर भोजन की कोई सुविधा मुहैया नहीं होने से बड़ों के साथ छोटे छोटे बच्चे भूख से बिलबिलाते रहे। सायंकाल क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य ने जानकारी पाकर तत्काल पूड़़ी सब्जी की ब्यवस्था करा करके अपनी मौजूदगी में सभी को भोजन कराया। जिन्हें गुरुवार को नाश्ता कराकर घरों को भेजवाया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष काशी नाथ सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत बाघीं में लम्बे समय से आबाद मुसहर जाति के भूमिहीन लोगों को अब तक आवासीय भूमि व आवास की सुविधा से लाभान्वित नहीं किए जाने के मामले की जांच कराई जाएगी। भाजपा मंडल अध्यक्ष भगवानदास अग्रहरी ने बताया कि ग्राम पंचायत बाघीं के मूल निवासी मुसहर जाति के लोग कर्मनाशा नदी के किनारे कहुअवा घाट व बूड़नवां घाट के समीप झूग्गी झोपड़ी बना कर रह रहे अधिकांश लोगों का बाघीं गांव में आवासीय भूमि में पुस्तैनी रहन सहन होता रहा है। वर्षों पूर्व किन कारणों से अधिकांश मुसहर परिवार के लोग गांव छोड़कर कर्मनाशा नदी के किनारे बस गये। इसकी पुष्टि जांच में ही हो सकेगी। ग्राम पंचायत बाघीं के निवासी बेचू वनवासी ने बताया कि गांव में पुरखों से आबाद होने के बाद भी अभी तक सरकारी आवास पाने की मन में दरकार है। कुछ माह पूर्व ग्राम पंचायत बाघीं में 74 लोगों को आवासीय पट्टा किया गया था। जो नाकाफी साबित हो रहा है। इस मौके पर भाजपा मंडल महामंत्री कल्लू प्रसाद जायसवाल, केएन मौर्य, रामजी केशरी, डा.सत्यनारायण मनोज कुमार मनीष अनिल कुमार सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

Chandauli: पुलिस ने 24 घण्टे के अंदर कुत्ते को सकुशल किया बरामद, मालिक ने कुत्ते पर रखा था उचित इनाम

चंदौली। सदर कोतवाली क्षेत्र के बिछिया गांव निवासी शांति देवी का लेब्राडोर कुत्ता अचानक घर से गुम हो गया। कुत्ते के गुम होने पर मालिन तत्काल कोतवाली पहुच गयी। और पुलिस से कुत्ता खोजने का गुहार लगाने लगी। यही नही मालकिन ने उसे खोजकर लाने वाले को उचित इनाम देने का ऐलान कर दिया। मालकिन ने कुत्ते का मिसिंग पोस्टर जारी करवा दिया। हालांकि पुलिस ने 24 घण्टे के अंदर कुत्ते को सकुशल बरामद कर सौंप दिया। वहीं पुलिस के इस वर्कआउट को लेकर तरह तरह की चर्चा है।

विदित हो की बुधवार को टहलने के दौरान विकास भवन के समीप से लेब्रा डोर कुत्ता लापता हो गया. काफी तलाश के बाद भी कुत्ता नहीं मिला. तो महिला पुलिस से संपर्क साधा और कुत्ता खोजने की गुहार लगाई. साथ ही मालकिन ने कुत्ते का मिसिंग पोस्टर जारी कर कुत्ते को खोजकर लाने वाले को उचित इनाम देने का ऐलान कर दिया।
शांति देवी से मिली तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की. कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार पुलिस ने कुत्ते को खोज निकाला. जिसके बाद पुलिस ने बाकायदा लिखा पढ़ी कर बरामद कुत्ते को उसकी मालकिन को सौंप दिया

बदलते परिदृश्य में हाशिये पर आती पत्रकारिता

रामजी प्रसाद भैरव
रामजी प्रसाद भैरव

Young Writer, साहित्य पटल। रामजी प्रसाद “भैरव” की रचना

वर्तमान हिंदी पत्रकारिता एक भयावह परिदृश्य से गुजर रहा है । आज उसके अस्मिता और नियत पर प्रश्न चिन्ह उठाये जाने लगे हैं । मग़र क्यों ? यह एक अछूता प्रश्न है । जिसका उत्तर हर कोई चाहता है , लेकिन जिनसे वह उत्तर चाहता है वे लोग कौन है । क्या सचमुच उनके पास उत्तर है , अगर है तो उत्तर बाहर क्यों नहीं आता ।
सच तो यह है कि पत्रकारिता की यह दशा पूंजीवाद और राजनैतिक गठजोड़ की इस नई स्थिति से उत्पन्न हुई है । किसी शायर ने कहा है -” वे दिन हवा हुवे जब पसीना गुलाब था , अब इत्र भी मलते हैं खुशबू नहीं आती ।” आज सचमुच जब भी पत्रकारिता की बात होती है , वर्तमान परिदृश्य की विद्रूपताएं मुँह चिढ़ाती हैं । क्या यह वही पत्रकारिता है , जिसने कभी सत्ता शासन के विरुद्ध मुँह खोला था । उसके ख़िलाफ़ जनता की आवाज़ बन के उभरी थी । इसका उत्तर हर ओर से एक ही आएगा , नहीं , बिल्कुल नहीं ।
आज पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वाले युवाओं के सपने पूंजीपतियों के बाज़ार में कौड़ियों के मोल बिक जाते हैं । जो नहीं बिकते उसे सत्ता की बर्बरता के आगे डाल , फूस की तरह रौंद दिया जाता है । देश की सैकड़ों ऐसी घटनाएं हैं जो पत्रकारों के उत्पीड़न से जुड़ी हैं । परन्तु न्याय के नाम पर उन्हें हताशा ही मिलती है । कुछ लोग तर्क देते हैं पत्रकारिता का स्वरूप बदल गया है । आज आजादी के दिनों वाली पत्रकारिता नहीं है । ऐसी घटनाओं के लिए वह स्वयं जिम्मेदार हैं । इस बात को मैं भी इनकार नहीं करता , कि आज आजादी के दिनों वाली पत्रकारिता नहीं है , लेकिन यह कहना कि पुराने लोगों से ज्यादा नैतिक आज के पत्रकार हैं तो यह विचारणीय हो जाएगा । डिजिटल युग में पत्रकारिता केवल लिखा पढ़ी में नहीं है , बल्कि नए कलेवर के साथ विजुअल हो चुका है । आज लोगों के पास न्यूज जानने के कई साधन है । वो जल्दी से सब जान लेना चाहते हैं । आज न्यूज़ के कई वेव पोर्टल भी हैं , जहाँ लोग आसानी से न्यूज पढ़ लेते हैं , उन्हें अखबार का इंतजार नहीं करना पड़ता । साथ ही ह्वाट्सएप और फेसबुक जैसे साधन भी उपलब्ध हैं , जिससे समाचारों का आदान प्रदान किया जाता है । यह सब पत्रकारिता के विकास का अंग है , और ठीक है । इसमें विचारणीय बात यह है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वाले युवाओं और युवतियों को क्या उचित पारिश्रमिक पर नौकरी मिल जाती है । नहीं , उन्हें स्ट्रगलर मान कर लम्बे समय तक शोषण किया जाता है । उनकी आवश्यकताओं का भी ध्यान नहीं रखा जाता है । यह नहीं सोचा जाता कि उनकी अपने परिवार के प्रति कुछ जिम्मेदारी भी है । बहुत से पत्रकार लम्बे समय तक पत्रकारिता को सेवा देने के बाद रास्ते बदलने को मजबूर हो जाते हैं । या फिर गलत रास्ते पर चलकर धन उगाही में लग जाते हैं । इसके लिए जिम्मेदार कौन है । यह ज्वलन्त प्रश्न अब यक्ष प्रश्न बन चुका है ।
आज पत्र पत्रिकाओं और न्यूज़ चैनलों की भरमार है । लोगों को न्यूज़ के नए नए टेस्ट से अवगत कराया जा रहा है । कई कई चैनल न्यूज़ के नाम पर अंधविश्वास और रूढ़ियों को नमक मिर्च के साथ परोस रहे है । वो केवल बेचने में विश्वास रखते हैं । गलत सही का भेद करना उनकी समझ से परे है । खोजी पत्रकारिता के नाम पर खूब अनर्गल परोसा जा रहा है । इस पर अंकुश लगाने की बात अभी नहीं हो रही है । कब होगी यह भी सोचना होगा । हर क्षेत्र में विकास हुआ है तो पत्रकारिता के क्षेत्र में भी होना चाहिए , मैं सहमत हूँ , लेकिन सत्यं शिवम सुंदरम की परिकल्पना के साथ । युवाओं को सही गलत का भेद बताना होगा । उन्हें अवगत कराना होगा , तुम्हारे मुँह से निकलने शब्द लाखों करोड़ों लोग सुनते हैं , तुम्हारी लेखनी के शब्द भारत के निर्माण और उसे सशक्त बनाने में भूमिका अदा करते हैं , इसलिए अपने दायित्वों के प्रति सजग रहो ।
आज का पत्रकार देखा देखी राजनीति के चकाचौंध में खोता जा रहा है , राजनैतिक ग्लैमर उसे खूब भा रहा है । इसी कारण कई दफे खबरों के साथ न्याय नहीं हो पाता । जनता अपनी कमजोर पड़ती आवाज को , पत्रकारों के जरिये उठाना चाहती है , लेकिन राजनैतिक दबावों या धन के आकर्षण में आवाज़ दबा दी जाती है । न्याय के उम्मीद लगाए व्यक्ति की हिम्मत प्राथमिक स्तर पर ही टूट जाती है । इसका यह मतलब नहीं पत्रकार खबरों को नहीं उठाते , उठाते हैं लेकिन उनके ऊपर कहीं कहीं दबाव बना कर खबरों को रद्दी की टोकरी में डाल दिये जाते हैं ।
आज कल एक ट्रेंड और देखने को मिल रहा है । न्यूज़ फालोअप के नाम पर ऐसा कुछ परोसा जा रहा है कि एक वितृष्णा सी मन में पैठ जाती है । किस न्यूज़ को कितना परोसा जाय , इसका कोई मानक नहीं है , जब तक टी आर पी बढ़ रही है , न्यूज़ बन्द करने की आवश्यकता नहीं है । चाहे वह उचित हो या अनुचित । इन दिनों कई न्यूज़ देखने को मिले । सबसे चर्चित तो इन दिनों सीमा हैदर ही है । जिस चैनल को खोलिए , सीमा हैदर हाज़िर । ऐसा अचानक से नहीं है , बल्कि कुछ वर्षों में यह परिवर्तन आया है । न्यूज़ एंकर इन दिनों सीधे जज की भूमिका में दिखते हैं , लगता है देश की अदालतों का रोल इनके आगे छोटा हो गया है । आज पूरी पत्रकारिता को नए सिरे से चिंतन मनन की आवश्यकता है , उनकी भूमिका को लेकर समाज में कोई संदेह न हो ।
एक बात जो और मन में आ रही है , वह यह कि पत्रकार पढ़ना छोड़ चुका है । वह आज की व्यस्त लाइफ को जीने में यह भूल चुका है , हमारे जो पूर्वज पत्रकार थे , वे कितने अध्ययनशील थे । अपवाद स्वरूप आज भी कुछ लोग इस क्षेत्र में पढ़ने का जुनून पाले हुए है । यह अच्छी बात है । मग़र समाज पत्रकार से पढ़े लिखे होने की उम्मीद करता है । बात यह है कि आरम्भिक समय में साहित्यकार और पत्रकार दो अलग अलग लोग नहीं होते थे । जो साहित्यकार होता था , वह पत्रकारिता के क्षेत्र में भी था । और जो पत्रकारिता के क्षेत्र में था , वह साहित्यकार भी होता था ।आज की तरह दोनों को अलग थलग करके देखने वाली बात नहीं थी । आरम्भिक दौर में राजनैतिक व्यक्ति पत्रकारिता के क्षेत्र से होकर गुजरा हुआ परिपक्व व्यक्ति होता था , जिसे समाज और देश की अच्छी समझ होती थी । परन्तु आज वह बात नहीं है ।
आज के पत्रकारों के पास शब्दों की पूंजी नहीं है । अगर आप देखना चाहें तो किसी चैनल के एंकर के मुँह से निकलने वाले शब्दों को देखिए , मुझे लगता है डेढ़ से दो सौ शब्दों में उनकी पत्रकारिता पूरी हो जाती है । वहीं दशा प्रिंट मीडिया की है । अब अखबारों में गलतियों की संख्या बढ़ रही है , मतलब साफ है , व्याकरण का दोष अध्ययन की कमी के कारण ही है । कभी कभी तो मुख्य पेज पर गलतियां होती हैं । इस संदर्भ में उनके तर्क हैं जल्दबाजी में पेज छोड़ने के कारण ऐसा होता है । ठीक बात है अखबार को जल्दी में लिखा गया सहित्य कहा गया है । परंतु हमारी पीढ़ी के लोग अखबारों से लिखना सीखे । यह विश्वास शायद आज नहीं है । आज केवल पढ़ना है ।
पिछले दशकों में पत्रकारिता ग्लैमरस हुई है । लोगों का टेस्ट बदला है और मीडिया का भी । खबरों को प्रस्तुत करने का अंदाज पूरी तरह बदल चुका है । नई पीढ़ी खूब धड़ल्ले से आगे आ रही है । तकलीफ़ यह है दो चार प्रतिशत ही मनोवांछित सफलता पाते हैं । शेष मीडिया दफ्तरों के चक्कर काटने हैं , या फिर जैसे तैसे पत्रकारिता करते हैं । इसके पीछे का सच है , मीडिया में किसी गॉडफादर का न होना । जिनके सिर पर किसी गॉडफादर का हाथ है , वह आगे बढ़ जाता है । जिसके नहीं है वह धक्के खाते हुए अपना स्थान बनाने के लिए संघर्ष करता है ।
जीवन परिचय-
 रामजी प्रसाद " भैरव "
 जन्म -02 जुलाई 1976 
 ग्राम- खण्डवारी, पोस्ट - चहनियाँ
 जिला - चन्दौली (उत्तर प्रदेश )
मोबाइल नंबर- 9415979773
प्रथम उपन्यास "रक्तबीज के वंशज" को उ.प्र. हिंदी  संस्थान लखनऊ से प्रेमचन्द पुरस्कार । 
अन्य प्रकाशित उपन्यासों में "शबरी, शिखण्डी की आत्मकथा, सुनो आनन्द, पुरन्दर" है । 
 कविता संग्रह - चुप हो जाओ कबीर
 व्यंग्य संग्रह - रुद्धान्त
सम्पादन- नवरंग (वार्षिक पत्रिका)
             गिरगिट की आँखें (व्यंग्य संग्रह)
देश की  विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन      
ईमेल- ramjibhairav.fciit@gmail.com

Chandauli: लगातार हो रही बारिश में गिरे गरीबों के जर्जर मकान

बौरी गांव में बारिश के कारण जमींदोज जर्जर कच्चा मकान।
बौरी गांव में बारिश के कारण जमींदोज जर्जर कच्चा मकान।

Chandauli News: बबुरी के लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार को क्षेत्र के बौरी गांव में चार लोगों के जर्जर हो चुके रिहायशी कच्चे मकान ढह गए। उस समय मकान में कोई नहीं था नहीं तो बहुत बड़ी घटना घट सकती थी। जानकारी के अनुसार बुधवार को बौरी गांव निवासी नरसिंह बियार, दुलारे बियार, अलियारी देवी, राजेश बियार अपने खेतों में काम करने गए थे।

बौरी गांव में बारिश के कारण जमींदोज जर्जर कच्चा मकान।

जनपद में लगातार दो दिन से हो रही बारिश के कारण  कमजोर हो चुके उनके कच्चे मकान उसी समय भराभरा कर गिर गये। मकान ढहते देख ग्रामीणों की भारी-भारी इकट्ठा हो गई। घटना में संयोग अच्छा था कि मकान में कोई भी नहीं था, नहीं तो बहुत बड़ी घटना हो सकती थी। घटना में चारों परिवार के राशन, कपड़े, बिस्तर आदि जरूरी सामान मलबे में दब गए।

देवरिया नरसंहार में मृतकों को सभा में दी श्रद्धांजलि


दो मिनट का मौन रखकर गताात्मा को शांति प्रदान करने की की गई कामना
चंदौली। जिला मुख्यालय स्थित श्रीराम जानकी मठ मंदिर प्रांगण में देवरिया में हुए नरसंहार से आहत लोगों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इसदौरान घटना के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित किया। पीड़ित परिवार को शक्ति प्रदान करने तथा आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए भगवान से प्रार्थना की।
इस दौरान सूर्यमुनि तिवारी कहा कि यह जो नरसंहार हुआ है कहीं ना कहीं यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसी घटना का पुनरावृत्त कभी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे सरकार व समाज के लोगों पर गलत असर पड़ता है। जिसे कहीं ना कहीं समाज विकृत होकर गलत कार्यों को करने के लिए मजबूर हो जाता है। वही पीड़ित परिवार को सहानुभूति प्रदान करने के लिए 8 अक्टूबर को यहां से एक प्रतिनिधिमंडल देवरिया में जाकर उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने की बात कही गई। वही मौजूद केएन पांडे ने कहा कि ऐसे कृत करने वालों को दंडित किया जाए तथा उसे परिवार के लोगों को संरक्षण के साथ-साथ उनके भरण पोषण की सारी व्यवस्था हम समाज के लोग द्वारा करने की जरूरत है। जिसमें हम सभी लोग आगे आ रहे हैं। अंत में दो मिनट मौन रखकर गतात्मा को शांति प्रदान करने के लिए ईश्वर से कामना की गई। इस दौरान जितेंद्र पांडेय, केएन पांडे, संपूर्णानंद पांडेय, अजीत पाठक, दिनेश मिश्रा, संजय पांडेय, अश्वनी मिश्रा, पवन पांडेय, विनय तिवारी, सूरज पांडेय,  दिनेश यादव, बृजेश कुमार त्रिपाठी उपस्थित रहे।

अवैध तरीके से डायग्नोस्टिक सेंटर चलाने वाले को मिली तीन साल की कारावास


चंदौली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक मिश्रा की अदालत ने सुनवाई के दौरान साक्ष्य सही पाए जाने पर डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक शमशेर खां और उसके सहयोगी पिंटू यादव को तीन-तीन साल की कारावास की सजा सुनाई। वहीं 10-10 हजार रुपया जुर्माना लगाया।
वर्ष 2016-17 में रहे जिलाधिकारी के निर्देश पर टीम गठित कर अवैध ढंग से संचालित किए जा रहे डाइग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। टीम में शामिल सदस्य सकलडीहा तहसीलदार नारायण सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसपी सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. नीलम ओझा ने 18 नवंबर 2016 को सकलडीहा बाजार में वीके डाइग्नोस्टिक सेंटर का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान उक्त डाइग्नोस्टिक सेंटर अवैध रूप से संचालित होते पाया गया था। इसपर सेंटर की अल्ट्रसाउंड मशीन, प्रिंटर आदि को सीज कर दिया गया था। साथ ही सेंटर के संचालक वाराणसी जिले के रामनगर थाना नाका साहित्य निवासी शमशेर खां और सकलडीहा थाने के बर्थरा निवासी पिंटू यादव के विरुद्ध पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 के विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सीएमओ डा. वाईके राय ने बताया कि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियुक्तों को सजा दिलाए जाने के लिए लगातार पैरवी की जा रही थी।

Chandauli: ग्राम रोजगार सेवकों संग सौतेला व्यवहार कर रही प्रदेश सरकार: कन्हैया


चंदौली। ग्राम रोजगार सेवक एकता संघर्ष समिति की ओर से बुधवार को मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर 8 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। अंत में धरना स्थल से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। चेताया कि सरकार अगर हमारी मांगों पर तत्काल विचार नहीं करती है तो ग्राम रोजगार सेवक एकता संघर्ष समिति संघर्ष करने के लिए बाध्य होगी।
इस दौरान जिला अध्यक्ष कन्हैया लाल यादव ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभा के माध्यम से घोषणा किया था। कि रोजगार सेवकों को हिमाचल, राजस्थान, मध्य प्रदेश की तरह उत्तर प्रदेश में भी मानदेय की बढ़ोतरी की जाएगी। लेकिन आज तक उसे पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित करते हुए राज कर्मचारी का दर्जा दे जाने की मांग कई वर्षों से किया जा रहा है। लेकिन आज तक इस पर सरकार की ओर से कोई अमल नहीं किया गया। इस दौरान रवि प्रकाश पांडेय राम अवतार चौहान, पवन गुप्ता,अजीत,पियूष, सावित्री सिंह,विनीत, विनय जायसवाल,मुकेश सिंह, चंदन, इम्तियाज, मनोज,दिनेश गुप्ता, अनीता, रवि कुमार, संजीव आदि उपस्थित रहे।

ED की छापेमारी से संजय सिंह को डराने का प्रयास कर रही मोदी सरकारः संतोष पाठक

चंदौली कलेक्ट्रेट भवन में धरना देते आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी।
चंदौली कलेक्ट्रेट भवन में धरना देते आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी।

ईडी की छापेमारी के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पर दिया धरना

Chandauli News : राज्यसभा सांसद व आप नेता संजय सिंह के नई दिल्ली स्थित आवास पर ईडी के छापे के विरोध में आम आदमी पार्टी ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में नारे लगाये और जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने पर बैठ गए।
जिलाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक ने कहा कि सांसद संजय सिंह, नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा किए गए घोटालों को लगातार उजागर कर रहे हैं। इसलिए उनके घर पर ईडी के छापे डाले गए हैं। ईडी को भेज कर नरेंद्र मोदी, संजय सिंह और उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संजय सिंह को डराना चाहते हैं। लेकिन संजय सिंह भाजपा सरकार और नरेंद्र मोदी से डरने वाले नहीं हैं। कहा कि जब-जब मोदी सरकार आम आदमी से पार्टी से डरती है ईडी और सीबीआई के छापे आम आदमी पार्टी के नेताओं पर डलवाती है। आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आकण्ठ तक भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी में दिल्ली में बेहतरीन वर्ल्ड क्लास स्कूल बनवाए हैं जिसमें बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है वर्ल्ड क्लास के अस्पताल और मोहल्ला क्लीनिक बनाए हैं जिसमें सारी दवाइयां मुफ्त में दी जाती हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार के कामकाज से नरेंद्र मोदी बौखलाए हुए हैं और आम आदमी पार्टी के ईमानदार नेताओं को जेल में बंद करवा रहे हैं। उनके घरों पर ई डी के छापे डलवा रहे हैं। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष ज्ञान पांडेय, अशोक कुमार सिंह, जिला कार्यकारिणी सदस्य सदस्य लक्ष्मण कुमार तिवारी, संतोष तिवारी, संतोष दुबे, जावेद अहमद, अरविंद विश्वकर्मा, शिवानंद चौबे, मिथिलेश यादव, उपेंद्र सिंह मुन्नीलाल चंद्रशेखर बौद्ध भजनू राम जगजीवन राम घनश्याम तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।

Shahabganj: कायाकल्प योजना से नहीं बदली प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर

विद्यालय पर जाने को नहीं रास्ते, शौचालय में नहीं मिलता पानी

Chandauli News : शहाबगंज क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों की सूरत और सीरत बदलने के लिए कायाकल्प योजना चलाई जा रही है। इस योजना से काफी परिषदीय विद्यालयों में काम हुआ और विद्यालय का वातावरण भी बदल गया। लेकिन कुछ विद्यालय अभी भी है मूलभूत आवश्यकताओं की कमी से जूझ रहे है। इसी तरह का आलम शहाबगंज विकास क्षेत्र के तकिया गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। जहां विद्यालय काफी बदहाल स्थिति में है। इस विद्यालय में 78 बच्चों का नामांकन है। इनके पठन पाठन का जिम्मा प्रधानाध्यापक हरीओम सिंह व सहायक अध्यापक असफाकुर्रहमान, आजाद के साथ एक शिक्षा मित्र मिन्टू यादव के कंधों पर है। इस विद्यालय पर जाने के लिए तीन सौ मीटर के ऊबड़ खाबड़ रास्तों से होकर जाना पड़ता है। विद्यालय में एक हैण्ड पम्प लगा हुआ है, जिससे दूषित पानी निकलता है। विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। जबकि यह विद्यालय ब्लाक संसाधन व ब्लाक मुख्यालय के बहुत ही पास स्थित है। लेकिन अधिकारियों की उदासीनता का दंश विद्यालय में पड़ने वाले नौनिहाल उठा रहे हैं। प्रधानाध्यापक हरिओम सिंह ने बताया कि विद्यालय की व्यवस्था के बारे में हर माह रिपोर्ट बीईओ को भेजी जाती है। एडीओ पंचायत अरविन्द सिंह ने कहा कि विद्यालय पर जाकर व्यवस्था का अवलोकन किया जायेगा, जो भी कमी है उसको दुरुस्त किया जायेगा।

Chandauli में न्यायालय निर्माण नहीं, बल्कि डीपीआर के लिए जारी हुआ टेंडरः झन्मेजय सिंह

झन्मेजय सिंह

झन्मेजय सिंह बोले, ध्यान भटकाने के लिए फैलाई जा रही अफवाह

Chandauli News: जिला एवं न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष झन्मेजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिये वायरल हो रहे प्रेस कटिंग के माध्यम से ये सूचित किया गया कि चन्दौली न्यायालय निर्माण का टेंडर जारी किया गया है और अब न्यायालय निर्माण जल्द ही शुरू किया जाएगा। इस खबर को सुनकर हम सभी उत्साहित हैं क्योंकि हमारी मेहनत और दोनों बार का प्रयास रंग लाया। हालांकि खबर पढ़ने के बाद हमारी खुशी एक बार फिर मायूसी में बदल गयी।
क्योंकि निर्माण के लिए टेंडर का प्रकाशन नहीं हुआ है, बल्कि डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए परामर्श कार्य का टेंडर है, जिसमे विभिन्न कार्यदायी संस्थानों का कोटेशन देने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। जिसकी अनुमानित लागत शासन द्वारा लगभग 7 करोड़ तय की गई है। जो संस्थान सबसे कम दर पर कोटेशन देगी, उसे डीपीआर बनाने का कार्य सौंपा जाएगा, जिसे उस संस्थान को 75 दिनों के अंदर डीपीआर जमा करना होगा। इसके बाद निर्माण हेतु निविदा आमंत्रित की जाएगी, अर्थात अभी जो निर्माण संबंधित निविदा की अफवाह फैलाई जा रही है वो मात्र अफवाह ही है। कहा कि चंदौली से निकली पदयात्रा प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए स्थानीय बार का समर्थन प्राप्त करते हुए दिल्ली की ओर कूच कर रही हैै जिससे शासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की नींद उड़ी हुई है और जब जब आंदोलन तीव्र होता है, अपनी नाकमियों को छुपाने के लिए शासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि आंदोलन को भटकाने और खत्म करने के लिए किसी माध्यम से ऐसी अफवाहे फैलाते हैं। यह प्रयास सिर्फ न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति के अथक प्रयासों को गलत साबित करने व उन्हें झूठा आश्वासन देकर खत्म करने का प्रयास मात्र है। कहा कि हमारी लड़ाई भूमिपूजन तक जारी रहेगी।

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