Young Writer, चंदौली। क्षेत्र के नेगुरा स्थित गुरुकुल स्कूल में मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया। इस दौरान बच्चों को दिवस की महत्ता के बारे में प्रबंधक इसरार अहमद ने बताया। इसके बाद शिक्षकों द्वारा स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को एक-एक कर दवा खिलाई गई। स्कूल के 200 बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई।
इस दौरान जिले के स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शिक्षकों की देखरेख में बच्चों को आयु के अनुसार दवा की खुराक दी गई। प्रधानाचार्य कृष्णकांत ने बच्चों को बताया कि पेट के कीड़े न केवल पोषण में कमी लाते हैं, बल्कि बच्चों में एनीमिया (खून की कमी) और शारीरिक कमजोरी का मुख्य कारण भी बनते हैं। ऐसे में बच्चों की छह माह में एक बार कीड़े की दवा का सेवन करना चाहिए। कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। हमारा उद्देश्य केवल किताबी शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस जैसे अभियान बच्चों को कुपोषण से बचाने प्रभावी साबित होगा। दवा वितरण के साथ-साथ बच्चों को स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें नियमित रूप से हाथ धोने, नाखून साफ रखने, साफ पानी पीने और खुले में नंगे पैर न खेलने की सलाह दी गई।
स्वच्छता ही बचाव है
दवा वितरण के साथ ही बच्चों को जीवनशैली में स्वच्छता अपनाने के गुर भी सिखाए गए। शिक्षकों ने बच्चों को:
- नियमित रूप से हाथ धोने,
- नाखून साफ रखने,
- स्वच्छ पानी पीने,
- और खुले में नंगे पैर न घूमने की सलाह दी।

