अधिवक्ता खालिद वकार आबिद की शिकायत पर डीएम चंदौली को जाँच रिपोर्ट ने देने पर व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश
Young Writer, चंदौली। शहाबगंज थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव स्थित भारतमाला परियोजना के प्लांट परिसर में बीते 07 जनवरी की सुबह हाईवा चालक अशोक कुमार पाण्डेय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने अधिवक्ता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता खालिद वकार आबिद की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए निर्धारित समय तक रिपोर्ट प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी चंदौली को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया है।

अधिवक्ता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता खालिद वकार आबिद ने 12 जनवरी 2026 को राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि कार्यस्थल परिसर के अंदर एक प्रवासी श्रमिक अशोक कुमार पाण्डेय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है, जिसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने तथा परियोजना प्रबंधन, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराए जाने की भी मांग की थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने वाद संख्या 555/24/19/2026 पंजीकृत किया था। आयोग ने 13 जनवरी 2026 को आदेश पारित करते हुए जिलाधिकारी चंदौली को निर्देश दिया था कि वे शिकायतकर्ता को जांच प्रक्रिया में सम्मिलित करते हुए मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट 05 मार्च 2026 तक आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। आयोग ने पाया कि कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद जिलाधिकारी चंदौली द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई जांच रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। इस पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि जिलाधिकारी चंदौली व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होकर 23 अप्रैल 2026 तक अपनी रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। आयोग ने निर्देश दिया है कि इस प्रकरण की अगली सुनवाई 24 अप्रैल 2026 को की जाएगी। साथ ही आयुक्त, वाराणसी मंडल को निर्देशित किया गया है कि वे इस आदेश को आवश्यक अनुपालन हेतु जिलाधिकारी चंदौली को तत्काल प्रेषित करें।

