Young Writer, डीडीयू नगर। अयोध्या के राम जन्म भूमि तीर्थ स्थली मंदिर के पास मूर्ति बेचने वाले ने गुरुवार को अपने दोस्त के मासूम बेटे का अपहरण कर लिया। वह डेढ़ वर्षीय मासूम को लेकर ट्रेन से बिहार भाग रहा था। इस बीच आधी रात के वक्त आरपीएफ ने मासूम को बरामद कर अपहरणकर्ता को पकड़ लिया। युवक ने मासूम का अपहरण सिर्फ इसलिए किया था कि उसके दोस्त ने व्यापार में फायदा के आधे पैसे नहीं दिए। आरपीएफ ने बरामद मासूम और अपहरणकर्ता को अयोध्या से आई पुलिस के हवाले कर दिया।
इस बाबत डीडीयू स्टेशन पोस्ट के आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि गुरुवार की रात रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना मिला कि उसके बेटे का अपहरण कर लिया गया है। अपहरणकर्ता डीडीयू के रास्ते गया की ओर जा रहा है। इस सूचना के बाद आरपीएफ टीम सक्रिय हो गई। शिकायत कर्ता से बात कर उसके मासूम बेटे का हुलिया लिया गया।डा की ट्रेनों का जांच पड़ताल किया जाने लगा। शुक्रवार की भोर में 04.42 बजे जम्मूतवी कोलकाता एक्सप्रेस स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या तीन पर पहुंची। यहां जनरल कोच में खोजबीन करने पर डेढ़ वर्षीय मासूम मिल गया। उसे बरामद कर उसका अपहरण करने वाला प्रभात कुमार निवासी खिझर सराय गया बिहार को पकड़ लिया गया।
पूछताछ में प्रभात ने बताया कि उसने गोपाल कुमार निवासी नवादा, नांगली बिहार एक्सटेंशन बपरौला वेस्ट दिल्ली के साथ अयोध्या राम जन्म भूमि तीर्थ स्थल के गेट संख्या एक के पास मूर्ति की दुकान खोली। इसके लिए मैने गोपाल को साढ़े चार लाख रुपये दिए थे। समझौता हुआ था कि दुकान से होने वाले मुनाफा को आधा आधा बांटा जाएगा। बाद में गोपाल अपने वादे से मुकर गया और मुझे पैसा नहीं दिया, जिससे मैं उसके मासूम बेटे को लेकर भाग निकला। आरपीएफ ने अपहरणकर्ता के पकड़े जाने की सूचना मुगलसराय कोतवाल विजय बहादुर, सीओ आशुतोष के साथ ही रामजन्म भूमि थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष से वार्ता की। इस सूचना के बाद अयोध्या रामजन्म भूमि थाने की पुलिस के स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पहुंची। बच्चे और अपहरण के आरोपी को उनके हवाले कर दिया गया। मासूम को वापस पाकर पिता गोपाल ने आरपीएफ को धन्यवाद दिया।