Young Writer, चंदौली। UGC के नए कानून में समता समिति के नए प्रावधानों को लेकर पूरे देश में हो-हल्ला मचा हुआ। भारी हंगामा व तनाव के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस कानून का समर्थन किया। इसके अलावा उन्होंने बसपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं से यह भी आह्वान किया कि नए कानून को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में सामाजिक समरसता एवं सद्भाव को बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।
इस बाबत बसपा जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने कहा कि देश की उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवादी भेदभाव शिकायतों के निराकरण व समाधान के लिए यूजीसी ने समता समिति बनाने के नए नियमों में प्रावधान किया है। इसे लेकर सामान्य वर्ग के केवल जातिवादी मानसिकता के लोग इसके विरोध में है, जो उचित नहीं है। बहुजन समाज पार्टी यूजीसी के नए कानून व समता कमेटी के प्रावधानों का समर्थन करती है।
घनश्याम प्रधान ने कहा कि इस प्रकार के नियमों को लागू करने से पहले अगर सभी को विश्वास में ले लिया जाता तो यह बेहतर होता और देश में सामाजिक तनाव का कारण भी नहीं बनता। इस पर सरकारों व सभी संस्थानों को ज़रूर ध्यान देना चाहिये। साथ ही ऐसे मामलों में दलितों व पिछड़ों को भी, इन वर्गों के स्वार्थी व बिकाऊ नेताओं के भड़काऊ बयानों के बहकावे में आने से बचे। कहा कि जनपद चंदौली में तनाव को कम करते हुए सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने में बसपा हरसंभव प्रयास करेगी, ताकि नए कानून के विरोध की आड़ में सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने का षड्यंत्र किया जा रहा है, जो स्वीकार नहीं है।

