पीडब्ल्यूडी, पंचायत और बिजली विभाग के अधिकारियों को दिया गया निर्देश
Young Writer, सकलडीहा। सकलडीहा कस्बा और चतुर्भुजपुर स्थित स्वयंभू बाबा कालेश्वर नाथ मंदिर से महाशिवरात्री के दिन जलाभिषेक के साथ शिव बारात आकर्षक झांकी के साथ गाजे बाजे के साथ निकाली जाती है। इसको लेकर मंगलवार को एसडीएम कुंदन राज कपूर और सीओ स्नेहा तिवारी विभिन्न विभाग के अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर में बैठक किया। इस दौरान सुरक्षा और दर्शन पूजन को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट वाराणसी से संबद्ध चतुर्भुजपुर स्थित स्वयंभू बाबा कालेश्वरनाथ मंदिर एक अति प्राचीन मंदिर है। यहां पर महाशिवरात्री पर दर्शन पूजन के लिये आस्थावानों का जनसैलाब उमड़ता है। महाशिवरात्री पर यहां तीन दिवसीय मेला का आयोजन होता है। इसके अलावा सकलडीहा के महेश्वर मंदिर से महाशिवरात्री पर शिव बारात निकाली जाती है। इसको लेकर एसडीएम कुंदन राज कपूर और सीओ स्नेहा तिवारी ने संभावित भीड़ और सुरक्षा को लेकर पीडब्लयूडी, पंचायत विभाग और बिजली और रेलवे पुलिस के साथ संयुक्त रूप से बैठक किया। अधिकारियों को मंदिर परिसर के आसपास बैरिकेडिंग, शौचालय, सीसीटीवी कैमरा, खोया-पाया केंद्र, स्थायी कंट्रोल रूम, निर्बाध बिजली आपूर्ति और मेडिकल टीम की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
श्रद्धालुओं को केवल रेलवे क्रॉसिंग और फुट ओवरब्रिज का उपयोग करने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त, चार पहिया और दो पहिया वाहनों का मंदिर की ओर जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। एसडीएम और सीओ ने बताया कि पूरा मेला परिसर से लेकर मंदिर परिसर की निगरानी ड्रोन कैमरा के साथ सीसीटीवी से निगरानी रखा जायेगा। महिला पुरुष की अलग अलग बैरेकेटिंग कराने का निर्देश दिया। इस मौके पर बीडीओ विजय कुमार सिंह, एडीओ पंचायत बजरंगी पाण्डेय, थाना प्रभारी भूपेंद्र कुमार निषाद, ग्राम प्रधान अरविंद यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और महाशिवरात्रि कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।
प्रमुख दिशानिर्देश और व्यवस्थाएं
- ड्रोन से निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर ड्रोन कैमरों और CCTV के जरिए नजर रखी जाएगी।
- यातायात नियंत्रण: * मंदिर की ओर दो पहिया और चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- श्रद्धालुओं को केवल रेलवे क्रॉसिंग और फुट ओवरब्रिज का उपयोग करने की अनुमति होगी।
- बैरिकेडिंग: महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी ताकि दर्शन सुलभ हो सकें।
- बुनियादी सुविधाएं: पीडब्ल्यूडी, पंचायत और बिजली विभाग को बैरिकेडिंग, शौचालय, निर्बाध बिजली आपूर्ति और मेडिकल टीम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- कंट्रोल रूम: परिसर में एक स्थायी कंट्रोल रूम और खोया-पाया केंद्र स्थापित किया जाएगा।
धार्मिक महत्व
यह मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट, वाराणसी से संबद्ध है। महाशिवरात्री पर यहाँ तीन दिवसीय मेले का आयोजन होता है और सकलडीहा के महेश्वर मंदिर से भव्य शिव बारात निकाली जाती है।

