Young Writer, चन्दौली। उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले में करीब नौ साल पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड में न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश (न्यायालय संख्या 1) अशोक कुमार की अदालत ने आरोपी मच्छेन्दर उर्फ संतोष भारती को हत्या, जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के तहत मामले में दोषमुक्त करार दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लिखित किया कि आरोपी यदि किसी अन्य मामले में वांछित ना हो तो उसे जिला कारागार से रिहा किया जाए। उक्त मामले में अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता संदीप यादव ने न्यायालय के समक्ष तर्थ्य एवं तर्क प्रस्तुत किया।
क्या था मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 28 अक्टूबर 2016 की रात करीब 9 बजे की है, जब धनतेरस के दिन ग्राम अमावल के महेश सिंह अपने ट्यूबवेल पर बैठे थे, तभी टांडा कला निवासी मच्छेन्दर वहां पहुँचा और महेश सिंह से शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। महेश सिंह द्वारा यह कहे जाने पर कि वह न तो शराब पीते हैं और न ही पिलाएंगे। इस पर आरोपी ने उन पर तमंचे से फायर कर दिया, जिनकी इलाज के दौरान महेश सिंह की मृत्यु हो गई।
हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और करीब छह साल तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा। वर्ष 2019 में पुलिस ने उसकी अनुपस्थिति में ही आरोप-पत्र दाखिल किया था। अंततः 23 जून 2022 को मुखबिर की सूचना पर सकलडीहा पुलिस ने उसे घेराबंदी कर पकड़ने का प्रयास किया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर भी जान से मारने की नियत से फायरिंग की, जिसमें प्रभारी निरीक्षक बाल-बाल बचे। पुलिस ने हिकमत-अमली से उसे दबोच लिया और उसके पास से 315 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद किया ।
न्यायालय का आदेश
न्यायालय ने वादी आनंद सिंह (मृतक के दामाद) सहित कुल 15 गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन किया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी के विरुद्ध धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट के आरोपों को संदेह से परे साबित किया है। न्यायालय ने गवाहों व सुनने व साक्ष्यों के अवलोकन किया। न्यायालय ने पाया कि अभियोजन, अभियुक्त मच्छेन्दर उर्फ संतोष भारती के विरूद्ध आरोप को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा है। लिहाजा संदेह का लाभ लेते हुए न्यायालय ने सभी धाराओं में अभियुक्त को दोषमुक्त करार दिया।

