चंदौली। निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अरविंद निषाद ने कहा कि मछुआ समुदाय के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिया गया तो उनका सामाजिक और आर्थिक रूप से विकास हो पाएगा। सरकार ने चुनाव के समय वादा किया था कि मछुआ समुदाय के लोगों को उनका अधिकार दिया जाएगा। लेकिन अभी इन जातियों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि 1857 में समाज के लोगों ने अंग्रेजों को देश से भगा दिया था। अंग्रेजों ने बाद में क्रिमिनल कास्ट एक्ट कानून लागू किया। इको देश आजाद होने के बाद 31 अगस्त 1952 को सरकार ने हटा दिया। इसीलिए इस दिवस को विमुक्ति दिवस मनाते हुए सरकारों को ज्ञापन दिया जाता है। कहा कि 1931 की जनगणना के अनुसार केवट, मल्लाह, निषाद, बिन्द, माझवार, कश्यप, रैकवार आदि जातियां मछुआ समुदाय की जाति हैं। नई दिल्ली में मलाह समुदाय के लोग अनुसूचित जाति में आते हैं और पश्चिम बंगाल में भी केवट एससी जाति में है। लेकिन उत्तर प्रदेश में इन जातियों को ओबीसी का दर्जा मिला हुआ है। इस मौके पर प्रदेश सचिव शिवकुमारी निषाद, सुरेश निषाद, पुष्माजंलि कुमारी, पुष्पा कुमारी, बालेश्वर निषाद, मेघनाथ बिन्द, राम चेला बिन्द, रामपति बिन्द मौजूद रहे।

