चंदौली। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को यथार्थ नर्सिंग कॉलेज एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट में आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को आत्महत्या के कारणों चेतावनी संकेतों और समय रहते सहायता उपलब्ध कराने के महत्व की जानकारी दी।
इस दौरान पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल के एमडी साइकियाट्रिस्ट डॉ. नितेश कुमार और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ.अजय कुमार ने कहा कि मानसिक तनाव, अवसाद, पारिवारिक व सामाजिक परिस्थितियां तथा भावनात्मक समस्याएं व्यक्ति को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे समय में उसे अकेला छोड़ने के बजाय उसकी बात धैर्यपूर्वक सुनना और भावनात्मक सहयोग देना जरूरी है। डॉ. नितेश कुमार ने कहा कि आत्महत्या रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। व्यवहार में अचानक बदलाव, अत्यधिक निराशा, सामाजिक गतिविधियों से दूरी और लगातार नकारात्मक सोच जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर संवाद और विशेषज्ञ की मदद जीवन बचाने में महत्वपूर्ण हो सकती है। डॉ. अजय कुमार ने मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय खुलकर बात करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परेशान व्यक्ति को सलाह देने से पहले उसकी भावनाओं को समझना और ध्यान से सुनना आवश्यक है। कॉलेज प्रबंधक डॉ. धनंजय सिंह ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी समान ध्यान देना जरूरी है। प्रिंसिपल डॉ. जनेट जे और वाइस प्रिंसिपल प्रो. प्रदीप सिंह ने विद्यार्थियों से तनाव को कमजोरी न समझकर समय रहते अभिभावक, शिक्षक, मित्र या विशेषज्ञ से बात करने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन प्रो. धर्मेंद्र सिंह ने किया। कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकगण और एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग व एमएससी नर्सिंग के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। अंत में सभी ने मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने जरूरतमंद का साथ देने और समय पर मदद पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

